MP Vidhan Sabha Budget Session: मध्यप्रदेश विधानसभा में दिग्गज मंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच तनातनी.. दोनों ने दी ‘औकात में रहने’ की नसीहत
MP Vidhan Sabha Budget Session Live: मध्यप्रदेश विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस, सात बार स्थगित हुई कार्यवाही।
MP Vidhan Sabha Budget Session Live || Image- IBC24 News File
- विधानसभा में जोरदार हंगामा
- विजयवर्गीय-सिंघार आमने-सामने
- सात बार स्थगित कार्यवाही
भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र जारी है। आज सत्र का चौथा दिन है लेकिन इस सत्र में सदन के भीतर दो दिग्गज नेता आपस में ही उलझ गए। मामला इतना आगे बढ़ गया कि, संसदीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक-दूसरे को औकात में रहने की नसीहत दे डाली। (MP Vidhan Sabha Budget Session Live) हालांकि स्पीकर और दुसरे सदस्यों के हस्तक्षेप के बाद मामला फौरी तौर पर शांत हो गया।
वही अब विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष किया और संसदीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से माफी की मांग करने लगे। हंगामे के बीच सभापति ने फिर विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए की स्थगित कर दी गई। पक्ष-विपक्ष के टकराव और सदस्यों के बीच तनातनी के कारण आज कुल 7 बार विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हो चुकी है।
सीएम ने माँगी माफी, सदस्यों ने व्यक्त किया खेद
सदन के दोबारा शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज सदन में असहज स्थिति बन गई, जिसका उन्हें बेहद रंज है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों ही जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के व्यवहार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अनुभवी हैं, फिर भी ऐसी स्थिति बनना आश्चर्यजनक है।
वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने खुद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आज वे अपने आप से संतुष्ट नहीं हैं और उनका सब्र टूट गया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहली बार सदन में गुस्सा आया और परिस्थितियां ऐसी बन गईं कि वे खुद को नियंत्रित नहीं कर पाए। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे बढ़कर पूरे सदन की ओर से माफी मांगी। (MP Vidhan Sabha Budget Session Live) उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए सभी से संयम बनाए रखने की अपील की।
विपक्ष की ओर से उमंग सिंघार ने भी सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री की भावना का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित उनके लिए सर्वोपरि है और इस मामले में उन्होंने भी खेद व्यक्त किया। बता दें कि, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट 18 फरवरी को प्रस्तुत किया गया, जबकि सत्र का समापन छह मार्च को होगा।
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