Drogue Parachute Qualification Test: गगनयान मिशन की तरफ भारत के बढ़ते कदम.. ड्रोग पैराशूट का क्वालिफिकेशन टेस्ट कामयाब, देखें आप भी Video..
Drogue Parachute Qualification Test Live Video: गगनयान मिशन के लिए ड्रोग पैराशूट का सफल क्वालिफिकेशन टेस्ट, मानव अंतरिक्ष उड़ान की तैयारी को मिली मजबूती।
Drogue Parachute Qualification Test || Image: DRDO Twitter
- ड्रोग पैराशूट परीक्षण सफल
- गगनयान मिशन को मजबूती
- मानव उड़ान की तैयारी तेज
नई दिल्ली: अगले साल प्रस्तावित, ISRO के इतिहास के सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ ने आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। (Drogue Parachute Qualification Test Live Video) डीआरडीओ यानी रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन ने वीडियो जारी करते हुए बताया है कि, उन्होंने गगनयान मिशन के लिए ड्रोग पैराशूट का योग्यता स्तर भार परीक्षण डीआरडीओ के टर्मिनल बैलिस्टिक रेंज प्रयोगशाला की रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड (आरटीआरएस) सुविधा में सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है।
डीआरडीओ ने आगे बताया कि, यह परीक्षण विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी), इसरो, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (एडीआरडीई) और टीबीआरएल, डीआरडीओ की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
Qualification Level Load test of Drogue Parachute for #Gaganyaan programme was successfully conducted at Rail Track Rocket Sled (RTRS) facility of Terminal Ballistic Range Laboratory, DRDO
The test was jointly conducted by teams from Vikram Sarabhai Space Centre (VSSC), ISRO,… pic.twitter.com/Hb0gtOao5c
— DRDO (@DRDO_India) February 19, 2026
गगनयान मिशन क्या है?
गगनयान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का एक महत्वाकांक्षी मिशन है, इस मिशन का मकसद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करना है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को लगभग 400 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा में तीन दिनों के लिए भेजा जाएगा और फिर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। (Drogue Parachute Qualification Test Live Video) इस मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान की थी।
मानवयुक्त मिशन से पहले ISRO ने गगनयान के तहत दो मानवरहित मिशन भेजने की योजना बनाई थी। पहला मिशन दिसंबर 2020 और दूसरा जून 2021 में प्रस्तावित था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इन मिशनों में देरी हुई। गगनयान अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा और इस पूरे कार्यक्रम की अनुमानित लागत 10,000 करोड़ रुपये से कम रखी गई है।
गगनयान मिशन भारत के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह पहला स्वदेशी मिशन होगा जो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। इस मिशन की सफलता के बाद भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा। (Drogue Parachute Qualification Test Live Video) इसरो अंतरिक्ष यान का विकास कर रहा है, जबकि रूस अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण में सहयोग कर रहा है।
इस मिशन की सफलता से भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा मिलेगा और भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के सपने को भी मजबूती मिलेगी। गगनयान में एक सर्विस मॉड्यूल और एक क्रू मॉड्यूल शामिल है, जिन्हें मिलाकर ऑर्बिटल मॉड्यूल कहा जाता है। इसके प्रक्षेपण के लिए जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल का उपयोग किया जाएगा, जो इस मिशन के लिए आवश्यक क्षमता रखता है।
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