मुंबई, 13 मार्च (भाषा) घरेलू विमानन कंपनी अकासा एयर ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के साथ रणनीतिक सहयोग के तहत उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे हवाई अड्डे पर विमान रखरखाव, मरम्मत व जीर्णोद्धार (एमआरओ) केंद्र स्थापित करने की शुक्रवार को घोषणा की।
कंपनी के बयान के अनुसार, इस सहयोग के तहत अकासा एयर हवाई अड्डे के परिसर के भीतर इस केंद्र का संचालन करेगी और यहां विमानों के रखरखाव से जुड़ी विभिन्न उन्नत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य भारत के विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को देश के प्रमुख विमान रखरखाव केंद्रों में स्थापित करना है। इससे संचालन क्षमता में सुधार होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे और क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अगस्त 2022 में सेवाएं शुरू करने के बाद अकासा एयर का यह पहला विमान रखरखाव केंद्र होगा।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि यह साझेदारी न केवल भारत की विमान रखरखाव क्षमताओं को मजबूत करेगी बल्कि क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।
बयान के अनुसार, यह सहयोग विमान रखरखाव सेवाओं में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने तथा पूरे क्षेत्र में नवाचार व संचालन उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह साझेदारी एक ऐसे एकीकृत विमानन तंत्र के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है जो उद्योग के दीर्घकालिक विकास को समर्थन देगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान करेगा।
अकासा एयर के संस्थापक एवं सीईओ विनय दुबे ने कहा कि भारत का विमानन बाजार अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है और ऐसे में मजबूत घरेलू विमान रखरखाव क्षमताओं का विकास विमानन कंपिनयों के लिए कुशल और भरोसेमंद संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि अकासा एयर के लिए इस क्षमता में शुरुआती निवेश विकास की सुविचारित रणनीति का हिस्सा है जिससे कंपनी की संचालन व्यवस्था मजबूत होगी और भारत में अधिक आत्मनिर्भर विमानन तंत्र के विकास में योगदान मिलेगा।
गौरतलब है कि छह मार्च को नागर विमानन महानिदेशालय ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को हवाई अड्डा संचालन का लाइसेंस जारी किया जो उड़ान सेवाएं शुरू होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भाषा निहारिका मनीषा
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