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नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) अरबपति मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी की अगुवाई वाले उद्योग समूहों ने भारत को कृत्रिम मेधा (एआई) विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अवसंरचना निर्माण में कुल 210 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अंबानी ने यहां आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान अगले सात वर्षों में गुजरात के जामनगर में गीगावाट-स्तर के एआई-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये (करीब 110 अरब अमेरिकी डॉलर) के निवेश की घोषणा की।
यह परियोजना 10 गीगावाट तक के हरित ऊर्जा अधिशेष का उपयोग करेगी और दूरसंचार एवं डिजिटल सेवा प्रदाता जियो के नेटवर्क के साथ एकीकृत ‘एज-कम्प्यूट’ परत के माध्यम से देशभर में बहुत कम देरी वाली एआई सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
अंबानी ने कहा, ‘‘हमारा संकल्प स्पष्ट है, जिस तरह आज कनेक्टिविटी हर जगह उपलब्ध है, उसी तरह एआई को भी सर्वसुलभ बनाना है। जब कंप्यूटिंग क्षमता एक बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित हो जाएगी, तो नवाचार अपने-आप तेजी से बढ़ेगा।”
दूसरी तरफ, अदाणी की अगुवाई वाले अदाणी समूह ने वर्ष 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बहुत बड़े स्तर के एआई-सक्षम डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना पेश की। यह दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा एवं कंप्यूटिंग प्रतिबद्धता है।
इस पहल से सर्वर विनिर्माण, क्लाउड मंच और सहायक उद्योगों में अतिरिक्त 150 अरब डॉलर के निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे भारत में लगभग 250 अरब डॉलर की एआई अवसंरचना पारिस्थितिकी विकसित हो सकती है।
अदाणी समूह के कार्यकारी निदेशक जीत अदाणी ने कहा कि भारत को आयात पर निर्भर रहने के बजाय अपना खुद का एआई ढांचा विकसित करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई आने वाले समय में राष्ट्रीय संप्रभुता को नए सिरे से परिभाषित करेगा।
सम्मेलन के दौरान हुई अन्य प्रमुख घोषणाओं में माइक्रोसॉफ्ट की इस दशक के अंत तक ‘वैश्विक दक्षिण’ में एआई पहुंच बढ़ाने के लिए 50 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता शामिल है। कंपनी ने पिछले वर्ष भारत में एआई क्षेत्र में 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की थी।
इसी क्रम में गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने भारत, अमेरिका और अन्य क्षेत्रों के बीच एआई संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए एक नया समुद्री केबल बिछाने की घोषणा की।
इसके अलावा, योटा डेटा सर्विसेज ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निकट स्थापित किए जा रहे एआई कंप्यूटिंग हब के लिए एनवीडिया के नवीनतम चिप्स पर दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक खर्च करने की योजना बनाई है।
साथ ही, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वैश्विक एआई अवसंरचना पहल ‘स्टारगेट’ के तहत अपने डेटा सेंटर कारोबार के लिए ओपनएआई को पहला ग्राहक बनाया है।
वहीं, बुनियादी ढांचा कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने बड़े पैमाने पर एआई कार्यभार का समर्थन करने के लिए एआई-सक्षम डेटा सेंटर अवसंरचना और उन्नत कंप्यूटिंग मंच विकसित करने हेतु एनवीडिया के साथ प्रस्तावित संयुक्त उद्यम की घोषणा की है।
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