Chhattisgarh Fake Degree Fraud : बिना पढ़े बन गए डॉक्टर! दिल्ली पोस्ट ऑफिस का फर्जी डायरेक्टर बनकर लूटे करोड़ों, लैपटॉप खुला तो उड़े पुलिस के होश

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रायपुर में सेंट्रल जोन पुलिस ने नरेश मनहर के नेतृत्व में एक अंतर्राज्यीय ठग गिरोह को पकड़ा। गिरोह ने फर्जी पोस्ट ऑफिस नौकरी और एमबीबीएस डिग्री के नाम पर 52 लोगों से 2.34 करोड़ रुपये की ठगी की। मुख्य आरोपी केवल 10वीं पास है।

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 12:03 AM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 12:05 AM IST
HIGHLIGHTS
  • रायपुर में अंतर्राज्यीय ठग गिरोह पकड़ा, 2.34 करोड़ रुपये की ठगी।
  • गिरोह ने फर्जी पोस्ट ऑफिस नौकरी और एमबीबीएस डिग्री बेची।
  • मुख्य आरोपी नरेश मनहर केवल 10वीं पास, कई फर्जी संस्थान चलाता था।

रायपुर : Chhattisgarh Fake Degree Fraud  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन पुलिस ने एक शातिर अंतर्राज्यीय ठग गिरोह को बेनकाब किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड नरेश मनहर खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर बताकर लोगों को ठगता था। इस गिरोह ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगवाने और फर्जी एमबीबीएस डिग्री देने के नाम पर 52 आवेदकों से 2 करोड़ 34 लाख रुपये की वसूली की। डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश गुप्ता ने इस पूरे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।

बंटे हुए थे गिरोह के सदस्यों के काम

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी संजय निराला की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। आरोपी नरेश मनहर अपने साथियों भुनेश्वर बंजारे, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे के साथ मिलकर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। गिरोह के सदस्यों के काम बंटे हुए थे। कोई पैसे इकट्ठे करता, कोई दस्तावेज और कोई फर्जी नियुक्ति पत्र प्रिंट करता था। आरोपियों ने 52 लोगों को झांसे में लेकर उनके पते पर डाक के जरिए फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे, जिससे आवेदकों को नौकरी लगने का पूरा भरोसा हो गया।

फर्जी एमबीबीएस डिग्री भी बेचता था आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि मास्टरमाइंड नरेश मनहर ‘डॉक्टर डीवाई पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी’ की फर्जी एमबीबीएस डिग्री भी बेचता था। Raipur Commissionerate उसके लैपटॉप से डिग्रियों की सॉफ्ट कॉपी और डॉ. सुप्रिया पाठक के खाते से 40 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले हैं। इतना ही नहीं, आरोपी पंडरी में फर्जी ऑफिस और ‘गुड लक’ नाम से फर्जी माइक्रोफाइनेंस बैंक, हेल्थ सर्विस और फूड सर्विस भी संचालित कर रहा था।

मात्र 10वीं पास है आरोपी

पुलिस ने मुख्य आरोपी नरेश मनहर और उसके गिरोह के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल नरेश के बैंक खातों और उसके द्वारा संचालित फर्जी संस्थानों की गहराई से विवेचना कर रही है। मात्र 10वीं पास आरोपी द्वारा इतने बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्री और सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी ने सुरक्षा और जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है।

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गिरोह ने किस तरह ठगी की?

मुख्य आरोपी नरेश मनहर और साथी लोगों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर लोगों को नौकरी और एमबीबीएस डिग्री का झांसा दिया।

कुल कितने लोग ठगे गए और कितने रुपये की ठगी हुई?

52 आवेदकों से लगभग 2 करोड़ 34 लाख रुपये की वसूली की गई।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

सेंट्रल जोन पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज कर बैंक खातों और फर्जी संस्थानों की गहराई से जांच शुरू कर दी।