अंडमान को भारत की ‘नीली अर्थव्यवस्था’ के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा: केंद्रीय मंत्री

अंडमान को भारत की 'नीली अर्थव्यवस्था' के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा: केंद्रीय मंत्री

अंडमान को भारत की ‘नीली अर्थव्यवस्था’ के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा: केंद्रीय मंत्री
Modified Date: January 17, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: January 17, 2026 7:38 pm IST

श्री विजय पुरम, 17 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को भारत की नीली अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि भविष्य में भारत का आर्थिक मूल्यवर्धन अनछुए समुद्री संसाधनों से आएगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीली अर्थव्यवस्था पर सरकार का गहरा ध्यान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस नजरिये को दर्शाता है कि भारत केवल मुख्य भूमि पर ध्यान केंद्रित करके और द्वीप क्षेत्रों तथा तटीय क्षेत्रों को पीछे छोड़कर विकसित नहीं हो सकता।

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उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नीली अर्थव्यवस्था और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख समुद्री प्रौद्योगिकी पहलों की समीक्षा की। उन्होंने ‘अटल सेंटर फॉर ओशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर आइलैंड्स’ की यात्रा के दौरान वैज्ञानिकों और अधिकारियों से कहा कि 2047 तक भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में ‘डीप ओशन मिशन’ निर्णायक भूमिका निभाएगा।

सिंह ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2023 और 2024, दोनों वर्षों में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से डीप ओशन मिशन की घोषणा की थी, जो इसके रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है। मंत्री ने कहा, ”देश के उत्तरी हिस्सों के लोगों को नीली अर्थव्यवस्था दिखाई नहीं देती होगी, लेकिन यह राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बहुत अधिक योगदान करता है।”

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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