नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति’ गठित करने की घोषणा की। यह समिति बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करेगी और इसे भारत की वृद्धि के अगले चरण के लिए तैयार करेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र आज मजबूत बही-खाते, लाभप्रदता के ऐतिहासिक उच्चस्तर, बेहतर संपत्ति गुणवत्ता और देश के 98 प्रतिशत से अधिक गांवों को शामिल करने वाली पहुंच से लैस है।
उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम इस मोड़ पर इस क्षेत्र की सुधार आधारित वृद्धि जारी रखने के लिए आवश्यक उपायों का मूल्यांकन करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।’’
सीतारमण ने लोकसभा में बजट भाषण देते हुए कहा, ‘‘मैं वित्तीय स्थिरता, समावेश और उपभोक्ता संरक्षण को सुरक्षित रखते हुए इस क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने और इसे भारत की वृद्धि के अगले चरण के साथ जोड़ने के लिए ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति’ स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं।’’
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के नजरिये को ऋण वितरण और प्रौद्योगिकी अपनाने के स्पष्ट लक्ष्यों के साथ जोड़ा गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी में पैमाना हासिल करने और दक्षता में सुधार करने के लिए उन्होंने कहा कि पहले कदम के रूप में पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन के पुनर्गठन का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप विदेशी निवेश के लिए अधिक समकालीन और उपयोगकर्ता के अनुकूल ढांचा तैयार करने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की व्यापक समीक्षा का प्रस्ताव करती हूं।’’
भाषा पाण्डेय अजय
अजय