नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) देश और विदेश में सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने तथा बुनियादी ढांचे से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण को बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 299 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है।
रविवार को पेश बजट के अनुसार, इसके अलावा प्रशासनिक सुधारों के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस प्रावधान में सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण की योजना, प्रशासनिक सुधारों पर पायलट परियोजनाएं शामिल हैं जिनमें ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना, सुशासन को प्रोत्साहित करना और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए एक व्यापक प्रणाली शामिल है।
आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल 299 करोड़ रुपये के परिव्यय में से, 120.8 करोड़ रुपये प्रशिक्षण प्रभाग, सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम) तथा लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के लिए स्थापना संबंधी व्यय को पूरा करने के लिए, 52.2 करोड़ रुपये प्रशिक्षण योजनाओं के लिए और 126 करोड़ रुपये केंद्र के महत्वाकांक्षी ‘मिशन कर्मयोगी’ या सिविल सेवा क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को निर्धारित की गई है।
‘मिशन कर्मयोगी’ को सबसे बड़ी नौकरशाही सुधार पहल कहा जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को अधिक ‘‘रचनात्मक, सक्रिय, पेशेवर और प्रौद्योगिकी-सक्षम’’ बनाना है।
बजट दस्तावेज में कार्मिक मंत्रालय के लिए बजटीय प्रावधानों का विवरण देते हुए कहा गया कि 120.8 करोड़ रुपये के प्रावधान में दिल्ली स्थित आईएसटीएम, मसूरी स्थित एलबीएसएनएए और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रशिक्षण प्रभाग से संबंधित स्थापना व्यय शामिल हैं।
ये संगठन सचिवालय के सभी स्तरों तथा श्रेणियों के कर्मचारियों को नवीनतम नियमों एवं विनियमों और योग्यताओं से पर्याप्त रूप से अवगत कराने के लिए आधारभूत पाठ्यक्रम, पुनरावलोकन पाठ्यक्रम तथा ‘मिड-करियर’ (कामकाज के दौरान) प्रशिक्षण सहित कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस आवंटन में घरेलू या विदेशी यात्रा पर होने वाला व्यय, केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) और केंद्रीय सचिवालय स्टेनोग्राफर सेवा (सीएसएस) के अधिकारियों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क भी शामिल होगा।
बजट दस्तावेज में कहा गया कि 52.2 करोड़ रुपये के आवंटन में ‘‘ सभी के लिए प्रशिक्षण ’’ का प्रावधान शामिल है। अगले वित्त वर्ष में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए 3.5 करोड़ रुपये का कोष अलग रखा गया है।
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) को लोक सेवकों के सेवा संबंधी मामलों के निवारण का दायित्व सौंपा गया है। इसको आगामी वित्त वर्ष के लिए स्थापना संबंधी व्यय को 166.42 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
बजट दस्तावेज में कहा गया कि इसमें सीएटी की विभिन्न पीठों के लिए भूमि की खरीद एवं भवनों के निर्माण का प्रावधान भी शामिल है।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 52.07 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव है।
केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाले कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) को 2026-27 के लिए 525.2 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की गई है।
चालू वित्त वर्ष के लिए पिछले बजट में इसे 515.15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे जिसे संशोधित करके 548.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
भाषा निहारिका अजय
अजय