एंथ्रोपिक के एआई शोधकर्ता ने इस्तीफा दिया, ‘सुपरइंटेलिजेंस’ की दौड़ पर उठाए सवाल
एंथ्रोपिक के एआई शोधकर्ता ने इस्तीफा दिया, 'सुपरइंटेलिजेंस' की दौड़ पर उठाए सवाल
नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक के कृत्रिम मेधा (एआई) शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने बुधवार को इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियां ‘सुपरइंटेलिजेंस’ विकसित करने की बेकाबू दौड़ में गैर-जिम्मेदाराना तरीके से आगे बढ़ रही हैं और ‘हमारी जिंदगियों से जुआ खेल रही हैं।’
पिछले तीन वर्षों में एंथ्रोपिक के अलावा ओपनएआई के साथ भी ‘प्रशिक्षण-पूर्व’ एआई के शोध से जुड़े रहे कॉक्सन ने कहा कि दोनों कंपनियों के बीच एआई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना आगे बढ़ रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में चेतावनी दी कि प्रौद्योगिकी तेजी से ऐसे ‘मानव से अधिक सक्षम एआई सिस्टम’ (सुपरइंटेलिजेंस) की ओर बढ़ रही है, जो किसी भी प्रणाली में सेंध लगा सकते हैं, किसी भी क्षेत्र में रातोंरात क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं और वास्तविक शक्ति एवं संसाधन हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान की किसी अन्य गतिविधि से इस स्तर का खतरा पैदा नहीं होता है।
कॉक्सन ने कहा, ‘‘मैंने आज एंथ्रोपिक से इस्तीफा दे दिया। पिछले तीन वर्षों में मैंने ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों में प्रशिक्षण-पूर्व शोध किया। कोई भी कंपनी जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही है। वे सीधे खुद को बेहतर बनाने वाली सुपरइंटेलिजेंस की ओर दौड़ रही हैं और हमारी जिंदगियों से जुआ खेल रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ओपनएआई में कई लोगों ने इससे मानव सभ्यता के लिए पैदा होने वाले गंभीर जोखिमों को गहराई से नहीं समझा है। वहीं, एंथ्रोपिक में जोखिमों को अच्छी तरह समझा जाता है, लेकिन कंपनी इस दौड़ में सबसे पहले पहुंचने की कोशिश कर रही है। एंथ्रोपिक का मानना है कि कोई और जिम्मेदारी से काम नहीं करेगा, लिहाजा जोखिम के बावजूद उसे खुद ही यह काम करना होगा।’’
कॉक्सन ने कहा कि इस दौड़ को स्वीकार करना और इसके ‘अंतिम चरण’ में कदम रखना एक अहंकारपूर्ण जोखिम है, जिसे किसी निजी कंपनी के आंतरिक संचार मंच से शुरू नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एआई क्षेत्र में काम करने वाले कई लोग गंभीरता से मानते हैं कि दशक के अंत तक एआई से विनाशकारी नुकसान हो सकता है।
कॉक्सन ने दावा किया कि कंपनी के अधिकारी और शोधकर्ता सार्वजनिक रूप से अक्सर संतुलित भाषा में बोलते हैं, लेकिन निजी तौर पर उनमें से कई अनियंत्रित एआई से अस्तित्व के लिए पैदा होने वाले खतरों को लेकर गहरी चिंता रखते हैं।
उन्होंने ‘हगिंग फेस’ मंच में हाल में हुई सेंधमारी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रमुख अमेरिकी एआई प्रयोगशालाओं के बीच एआई विकास की गति को लेकर समझौते की तत्काल जरूरत है।
उन्होंने एआई क्षेत्र में काम कर रहे अपने सहयोगियों से उनकी भूमिका पर पुनर्विचार करने का आग्रह भी किया। कॉक्सन ने शोधकर्ताओं से पूछा कि क्या वे ऐसी सुपरइंटेलिजेंट प्रणाली के विकास की प्रक्रिया शुरू करना चाहेंगे, जिसकी कार्यप्रणाली को वे अभी पूरी तरह नहीं समझते।
उन्होंने कहा कि शोधकर्ताओं को केवल यह सोचकर आगे नहीं बढ़ना चाहिए कि ‘यह तो होना ही है’, बल्कि उन्हें इस समय ऐसी परिस्थितियों की मांग करनी चाहिए जिनमें इस प्रौद्योगिकी का विकास अधिक जिम्मेदारी और सुरक्षा के साथ किया जाए।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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