नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) भारत ने घरेलू विनिर्माताओं के हितों की रक्षा के लिए चीन से आयात होने वाले सजावटी कागज पर डंपिंग रोधी शुल्क मार्च, 2027 तक बढ़ा दिया है। यह जानकारी एक अधिसूचना में दी गई।
राजस्व विभाग ने दिसंबर, 2021 में पांच साल के लिए सजावटी कागज पर 110 डॉलर से 542 डॉलर प्रति टन की दर से डंपिंग रोधी शुल्क लगाया था।
विभाग ने एक अधिसूचना में कहा कि चीन से उत्पन्न या वहां से निर्यात किए जाने वाले ‘डेकोर पेपर’ पर डंपिंग रोधी शुल्क की अवधि 26 मार्च, 2027 तक बढ़ा दी गई है।
यह विस्तार वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) की सिफारिश के बाद किया गया।
सजावटी कागज एक तरह का छपा हुआ या सादा कागज होता है, जिसका उपयोग फर्नीचर और फर्श की सतह पर परत चढ़ाने तथा हस्तशिल्प और आंतरिक सज्जा में किया जाता है।
एक अलग अधिसूचना में विभाग ने कहा कि ईरान, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आयातित कैल्साइंड जिप्सम पाउडर पर भी डंपिंग रोधी शुल्क की अवधि बढ़ाकर 16 मार्च, 2027 तक कर दी गई है।
इसे आमतौर पर प्लास्टर ऑफ पेरिस के नाम से जाना जाता है और इसका उपयोग निर्माण तथा दवा जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।
इसके अलावा, चीन से आयात होने वाले प्राकृतिक अभ्रक आधारित मोती जैसे औद्योगिक रंगद्रव्य पर भी शुल्क की अवधि अगले साल 25 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
भाषा रमण अजय
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