आर्सेलरमित्तल का जून तिमाही में शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत गिरकर 68.3 अरब डॉलर पर

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आर्सेलरमित्तल का जून तिमाही में शुद्ध लाभ 62 प्रतिशत गिरकर 68.3 अरब डॉलर पर

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 03:23 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 03:23 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) वैश्विक इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अप्रैल-जून, 2026 तिमाही में उसका शुद्ध लाभ सालाना आधार पर करीब 62 प्रतिशत घटकर 68.3 करोड़ डॉलर रह गया।

भारत में भी खासी मौजूदगी रखने वाली कंपनी ने पिछले साल की समान तिमाही में 179.3 करोड़ डॉलर का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।

हालांकि, तिमाही आधार पर आर्सेलरमित्तल का जून तिमाही में शुद्ध लाभ जनवरी-मार्च, 2026 की तिमाही के 57.5 करोड़ डॉलर की तुलना में 19 प्रतिशत बढ़ा है।

जनवरी-दिसंबर वित्त वर्ष का अनुपालन करने वाली कंपनी ने कहा कि जून तिमाही में उसकी कुल बिक्री बढ़कर 16.8 अरब डॉलर हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 15.9 अरब डॉलर थी।

तिमाही आधार पर भी बिक्री में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो मार्च तिमाही के 15.5 अरब डॉलर से अधिक है। यह औसत इस्पात कीमतों में 4.4 प्रतिशत वृद्धि और निर्यात में 4.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के कारण हुआ।

कंपनी का कच्चे इस्पात का उत्पादन अप्रैल-जून, 2026 में 1.43 करोड़ टन रहा, जो एक साल पहले के 1.44 करोड़ टन से थोड़ा कम है, लेकिन पिछली तिमाही के 1.33 करोड़ टन से अधिक है।

इसी अवधि में इस्पात का निर्यात 1.34 करोड़ टन रहा, जो सालाना आधार पर कम लेकिन तिमाही आधार पर थोड़ा अधिक है।

आर्सेलरमित्तल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदित्य मित्तल ने कहा, “जून तिमाही में प्रति टन 155 डॉलर का ईबीआईटीडीए हमारे कारोबार में संरचनात्मक रूप से अधिक लाभप्रदता की दिशा में निरंतर सुधार को दर्शाता है।”

उन्होंने कहा कि नए शुल्क दर कोटा और कार्बन सीमा समायोजन व्यवस्था (सीबीएएम) के लागू होने से प्रतिस्पर्धा का माहौल अधिक संतुलित हो रहा है।

भारत में भी कंपनी की मजबूत मौजूदगी है। आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएमएनएस इंडिया) में आर्सेलरमित्तल की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष हिस्सेदारी जापान की निप्पॉन स्टील के पास है।

भारत में सहयोगी कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों से आय जून तिमाही में बढ़कर 22.9 करोड़ डॉलर हो गई, जो मार्च तिमाही में 17.7 करोड़ डॉलर थी। यह बढ़ोतरी एएमएनएस इंडिया के बेहतर प्रदर्शन के कारण हुई।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय