(बरुण झा)
दावोस, 21 जनवरी (भाषा) विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में पहली बार हिस्सा ले रहे असम ने अब तक करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल कर लिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यह वैश्विक मंच पर राज्य की मौजूदगी की केवल शुरुआत है और आने वाले वर्षों में इससे असम को और अधिक निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित डब्ल्यूईएफ बैठक में हिस्सा लेने आए शर्मा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि असम या पूर्वोत्तर का कोई भी राज्य पहली बार दावोस आया है और यह अनुभव बेहद ज्ञानवर्धक रहा है जिससे नीतियां तैयार करने और राज्य में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम इस समय देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है और पिछले पांच वर्षों में राज्य ने लगातार 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है, जबकि अगले वर्ष के लिए लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान है।
उन्होंने कहा, “हम एक छोटी अर्थव्यवस्था हैं, लेकिन तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के हितों को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।”
शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने असम में एक बड़े यूरिया संयंत्र और एक रासायनिक परिसर की आधारशिला रखी है। इसके अलावा टाटा सेमीकंडक्टर परियोजना अंतिम चरण में है और अगले दो-तीन महीनों में चिप का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि अब असम पूरी दुनिया को अपनी कहानी बताना चाहता है और दावोस में कई वैश्विक कंपनियों से मुलाकात हुई है।
शर्मा ने कहा, ‘हालांकि यह महज शुरुआत है। हमें अगले तीन-चार साल तक यहां आना होगा ताकि असम को लेकर वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकृष्ट किया जा सके।’
उन्होंने कहा, “यह दौरा हमें लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश दिलाने वाला है, लेकिन यह केवल एक शुरुआत है। हम भविष्य के लिए नींव रख रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि बड़े भारतीय औद्योगिक समूहों के साथ अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी असम की संभावनाओं को समझने के लिए आगे आए हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में असम राष्ट्रीय औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण निवेश केंद्र के रूप में उभरेगा।
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प्रेम रमण
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