नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) सरकार ने खनन ब्लॉक की नीलामी और उन्हें चालू करने की प्रक्रिया तेज करने के लिए राज्यों को 5,000 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन देने की शुक्रवार को घोषणा की।
इस योजना के तीन घटक हैं। यह खनन प्रक्रियाओं को सरल बनाने एवं प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी अपनाने पर राज्यों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर प्रोत्साहित करेगी।
खनन मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ गत वित्त वर्ष की सफलता के बाद 2026-27 के लिए राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) में खनन क्षेत्र सुधारों के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन तंत्र शामिल किया गया है।’’
मंत्रालय ने कहा कि इस योजना के संचालन दिशा-निर्देश हाल ही में जारी किए गए हैं और यह राज्यों में खनन क्षेत्र सुधारों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस योजना का उद्देश्य खानों के संचालन को आसान एवं तेज बनाना, खनिज उत्पादन बढ़ाना, राज्यों की राजस्व प्राप्ति बढ़ाना और खनन क्षेत्र के समग्र प्रशासन में सुधार करना है।
योजना के पहले घटक के तहत, राष्ट्रीय खनन मंच से जुड़ने और वार्षिक नीलामी कैलेंडर प्रकाशित करने जैसे प्रमुख सुधार पूरे करने वाले राज्य प्रोत्साहन के पात्र होंगे।
मंत्रालय ने कहा कि दूसरे घटक के तहत, वन, पर्यावरण एवं भूमि जैसी पूर्व स्वीकृतियों के साथ प्रमुख खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी करने वाले राज्यों को प्रोत्साहन मिलेगा।
तीसरे घटक में प्रोत्साहन को राज्य खनन तत्परता सूचकांक (एसएमआरआई) में प्रदर्शन से जोड़ा गया है। निहारिका पाण्डेय
पाण्डेय