मुंबई, 11 मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा है कि यदि पिछले दो दशक की वृद्धि की गति बनी रही तो 2046-47 तक राज्यों की औसत प्रति व्यक्ति आय उच्च आय वाले स्तर तक पहुंच सकती है।
पिछले महीने कोलंबिया विश्वविद्यालय में ‘कोलंबिया इंडियन इकॉनमी समिट 2026’ के दौरान दिए गए एक भाषण में गुप्ता ने कहा कि इस विस्तार में औसत से नीचे रहने वाले राज्यों का भी बड़ा योगदान रहने का अनुमान है। इस भाषण को आरबीआई ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर साझा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षमता को साकार करने और इसकी गति को तेज करने के लिए ऐसी राज्य-विशिष्ट वृद्धि रणनीतियों की आवश्यकता होगी, जो स्थानीय शक्तियों, ढांचागत वास्तविकताओं और उनके विकास के संबंधित चरणों पर आधारित हों।’’
भारत की आर्थिक वृद्धि 1980 के दशक की शुरुआत से लगातार बढ़ी है। औसत वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 1980 के दशक के 5.7 प्रतिशत से बढ़कर हाल के चार वर्षों में 7.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
डिप्टी गवर्नर ने कहा, ”प्रति व्यक्ति आय में यह वृद्धि और भी अधिक स्पष्ट है।” वर्ष 1981 में लगभग 274 डॉलर और 1991 में 306 डॉलर से बढ़कर प्रति व्यक्ति आय 2024 में लगभग 2,700 डॉलर हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि आईएमएफ के पूर्वानुमानों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय 2026 में 3,051 डॉलर और 2030 में 4,346 डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि गाथा व्यापक है और पिछले दो दशक में हर राज्य ने अपने प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है। पिछले दो दशक में राज्यों की औसत प्रति व्यक्ति आय डॉलर के संदर्भ में लगभग पांच गुना और स्थिर रुपये के संदर्भ में तीन गुना से अधिक बढ़ी है।
भाषा पाण्डेय अजय
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