लखनऊ, 11 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि उन्हें अंग्रेजी भाषा या कविताओं से कोई विरोध नहीं है, बल्कि ‘जॉनी जॉनी यस पापा’ जैसी बाल कविताओं में निहित संदेशों से आपत्ति है जो बच्चों को झूठ बोलने और बड़ों का अनादर करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं।
उपाध्याय ने सोमवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि उनका बयान अंग्रेजी विरोधी नहीं था।
उन्होंने कहा, “मूल्यों के बिना शिक्षा राष्ट्र निर्माण और भावी पीढ़ियों को आकार देने में मदद नहीं करती। हमारी संस्कृति में बच्चों को सच बोलना और बड़ों का सम्मान करना सिखाया जाता है।”
उपाध्याय ने कहा कि ‘जॉनी जॉनी यस पापा’ में बच्चा झूठ बोलते हुए भी ‘नो पापा’ कहता है, जो अनजाने में बच्चों की सोच पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
उन्होंने कहा, “यह अंग्रेजी या अंग्रेजी कविताओं का विरोध नहीं है। आपत्ति केवल उन कविताओं से है जो गलत संदेश देती हैं।”
मंत्री के बयान पर विपक्ष ने अंग्रेजी विरोधी होने और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया था।
इस बीच, एक बयान जारी कर उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए मानक स्थापित कर रही है।
उन्होंने विधानसभा में आयोजित प्रेसवार्ता कहा कि अब सरकार का ध्यान केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी ‘नैक’ और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है जिसके लिए कॉलेजों के प्राचार्यों व शिक्षकों के वास्ते विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, नयी शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
भाषा आनन्द खारी
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