मुंबई, 14 मई (भाषा) बजाज समूह अब स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है और अगले तीन साल में पुणे में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की योजना बना रहा है। समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
बजाज इंटिग्रेटेड हेल्थ सिस्टम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक नीरव बजाज ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि समूह अगले एक दशक में 10-12 शहरों तक इस कारोबार के विस्तार की योजना बना रहा है।
उन्होंने कहा कि समूह एक ऐसे चरणबद्ध स्वास्थ्य सेवा मॉडल को विकसित करना चाहता है, जिसमें क्लिनिक, ओपीडी परामर्श सेवाएं, घरेलू देखभाल और अस्पताल शामिल हों।
एक सदी से अधिक पुराने कारोबारी परिवार की पांचवीं पीढ़ी के सदस्य नीरव बजाज ने कहा कि समूह का उद्देश्य मरीजों को रोकथाम से लेकर गंभीर उपचार तक पूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और अस्पताल पर निर्भरता को यथासंभव कम करना है।
उन्होंने कहा, “हम कोशिश कर रहे हैं कि इलाज मरीज की जरूरत के हिसाब से सही स्थान पर हो, न कि हर स्थिति में अस्पताल में ही भर्ती किया जाए।”
इसके साथ ही बजाज ने स्पष्ट किया कि कंपनी बिस्तरों की संख्या या प्रति बिस्तर आय जैसे पारंपरिक पैमानों के आधार पर विस्तार नहीं मापेगी।
उन्होंने कहा कि बजाज समूह मौजूदा अस्पतालों का अधिग्रहण करने के बजाय अपनी अलग कार्यप्रणाली के तहत नए सिरे से स्वास्थ्य ढांचा तैयार करेगा।
अगले छह महीनों में पुणे में पहले क्लिनिक और ओपीडी सेवा केंद्र शुरू किए जाएंगे, जबकि 450 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पताल को बनने में करीब चार साल लगेंगे। पुणे में कुल पूंजीगत व्यय 2,000-2,500 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
समूह अन्य शहरों में भी इसी मॉडल को अपनाएगा और मुंबई अगला प्रमुख विस्तार केंद्र हो सकता है।
बजाज ने कहा कि अगले 10-12 वर्षों में कंपनी सात-आठ शहरों में मौजूदगी दर्ज कराने का लक्ष्य रखती है।
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प्रेम अजय
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