एक्वाकल्चर उत्पादों के निर्यात के लिए ईयू की सूची के मसौदे में भारत शामिल

Ads

एक्वाकल्चर उत्पादों के निर्यात के लिए ईयू की सूची के मसौदे में भारत शामिल

  •  
  • Publish Date - May 14, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 08:07 PM IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) भारत को यूरोपीय संघ (ईयू) की संशोधित सूची के मसौदे में शामिल किया गया है। इस सूची में उन देशों को जगह दी गई है जो 27 देशों वाले इस समूह को जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) उत्पादों का निर्यात जारी रख सकते हैं। बृहस्पतिवार को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया कि इस कदम से उम्मीद है कि इस साल सितंबर के बाद भी इन सामान की बिना किसी रुकावट के निर्यात खेप जारी रहेगी।

यूरोपीय संघ ने 12 मई को यह संशोधित सूची जारी की। यह कदम तब उठाया गया जब भारत ने यूरोपीय आयोग के ‘डेलिगेटेड रेगुलेशन’ के अनुरूप ज़रूरी नियमों का पालन किया। इस नियमन के तहत निर्यात करने वाले देशों को यह सुनिश्चित करना होता है कि ईयू (यूरोपीय संघ) को निर्यात किए जाने वाले पशु और पशु-आधारित उत्पादों में किसी भी तरह की सूक्ष्मजीवी-रोधी (एंटीमाइक्रोबियल) दवाओं का इस्तेमाल न किया गया हो।

इससे पहले, चार अक्टूबर, 2024 को जारी ईयू के ‘अमलयोग्य नियमन’ से भारत को बाहर रखा गया था। उस नियमन में भारत को उन ‘तीसरे देशों’ की सूची में शामिल नहीं किया गया था, जिन्हें सितंबर, 2026 से ईयू को मानव उपभोग के लिए पशु-आधारित उत्पादों का निर्यात करने की अनुमति थी।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत को इस सूची में शामिल करने का प्रस्ताव देश के समुद्री खाद्य निर्यात क्षेत्र के लिए एक बहुत ही सकारात्मक घटनाक्रम है। यह भारत की नियामकीय प्रणालियों, अवशेष निगरानी तंत्र और खाद्य सुरक्षा मानकों पर यूरोपीय संघ के भरोसे को दर्शाता है। एक बार जब यूरोपीय आयोग इसे औपचारिक रूप से अपना लेगा, तो उम्मीद है कि सितंबर, 2026 के बाद भी ईयू के बाज़ार में भारतीय एक्वाकल्चर उत्पादों का निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।’’

यूरोपीय आयोग ने 12 मई को जारी एक संदेश में बताया कि इस अद्यतन सूची में उन देशों को शामिल किया गया है, जिन्होंने खाद्य-उत्पादक पशुओं में ‘एंटीमाइक्रोबियल’ दवाओं के इस्तेमाल पर ईयू के प्रतिबंधों का पालन करने का प्रमाण दिया है। साथ ही, उन्होंने ईयू के नियमों के तहत जरूरी गारंटी और आश्वासन भी दिए हैं।

ईयू भारतीय समुद्री खाद्य निर्यात के लिए सबसे अहम बाजारों में से एक है। वर्ष 2025-26 के दौरान, ईयू भारतीय सीफूड निर्यात के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा। इस दौरान कुल निर्यात मूल्य में ईयू की हिस्सेदारी 18.94 प्रतिशत रही, जिसका कुल मूल्य 1.59 अरब डॉलर था।

पिछले वित्त वर्ष के दौरान ईयू को होने वाले निर्यात में मूल्य के हिसाब से 41.45 प्रतिशत और मात्रा के हिसाब से 38.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस क्षेत्र को होने वाले कुल निर्यात में ‘फार्म में पाली गई झींगा मछली’ की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय