केरल के कृषि-खाद्य एमएसएमई के विकास के लिए ‘केरा स्मार्ट’ : मुख्यमंत्री
केरल के कृषि-खाद्य एमएसएमई के विकास के लिए ‘केरा स्मार्ट’ : मुख्यमंत्री
तिरुवनंतपुरम, पांच अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री वी डी सतीसन ने बुधवार को केरल की ‘केरा स्मार्ट’ योजना के लोगो की पेशकश की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम आधुनिक प्रौद्योगिकी, हरित विकास, बाजार विस्तार और मूल्यवर्धित उत्पादन के जरिए कृषि-खाद्य एमएसएमई को बढ़ने में मदद करेगा।
‘केरा स्मार्ट’ (एग्रो एमएसएमई को मजबूत और आधुनिक बनाना ताकि वे मुश्किलों का सामना कर सकें और उनमें बदलाव आ सके) योजना, कृषि विभाग के केईआरए या केरा (केरल जलवायु सहिष्णु कृषि मूल्य श्रृंखला आधुनिकीकरण) परियोजना के तहत विश्व बैंक की मदद से लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को पूरे राज्य में कृषि-खाद्य एमएसएमई को मजबूत करने और आधुनिक प्रौद्योगिकी व टिकाऊ तरीकों को अपनाने को बढ़ावा देकर विकास के और मौके बनाने के लिए तैयार किया गया है।
इस परियोजना का मकसद किसानों और उद्यमियों दोनों को फायदा पहुंचाते हुए कृषि उत्पादों की मूल्यवर्धन और प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाना है। इसका मकसद घरेलू और निर्यात बाजार के लिए कृषि उत्पादों की आधुनिक प्रसंस्करण को बढ़ावा देना भी है।
इस योजना के तहत, जो कृषि-खाद्य एमएसएमई अपनी बाजार पहुंच बढ़ाने में सक्षम हैं, उन्हें आर्थिक और तकनीकी मदद मिलेगी। हर उद्यम को 1.5 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
यह योजना उन एमएसएमई इकाइयों के लिए है जो कम से कम तीन साल से केरल में काम कर रही हैं और जिनमें विकास की अच्छी संभावना है। इसका लक्ष्य विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले छोटे और मध्यम उद्यम हैं। मशीनरी और उपकरणों में 50 लाख रुपये से ज्यादा निवेश वाले सूक्ष्म उद्यमों पर भी विचार किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में उद्योग मंत्री पी के कुन्हालीकुट्टी और कृषि मंत्री टी सिद्दीक शामिल हुए।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
पाण्डेय

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