मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) बैंक ऋण में वृद्धि लगातार दहाई अंक में बनी हुई है और 31 जनवरी को समाप्त पखवाड़े में यह सालाना आधार पर बढ़कर 14.41 प्रतिशत पर पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
बैंकों के गैर-खाद्य ऋण विस्तार का यह प्रमुख आंकड़ा जीएसटी युक्तिसंगत बनाये जाने के बाद पिछले पांच महीनों से दहाई अंक में बना हुआ है। यह हाल के महीनों में खुदरा कर्जदारों और कॉरपोरेट दोनों की कर्ज मांग में सुधार का संकेत देता है।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में ऋण वृद्धि काफी धीमी थी और दो पखवाड़ों के दौरान यह क्रमशः 9.76 प्रतिशत और 9.98 प्रतिशत रही थी। यह कॉरपोरेट क्षेत्र द्वारा कर्ज लेने में सावधानी और खुदरा ऋण विस्तार में कमी को दर्शाता है। अगस्त एक बदलाव का महीना रहा, जब वृद्धि ने संक्षिप्त रूप से 10 प्रतिशत के स्तर को पार किया।
ऋण वृद्धि में तेजी सितंबर से अधिक स्पष्ट हुई, जब अगले पखवाड़ों में 10.21 प्रतिशत और 10.29 प्रतिशत तक पहुंच गई और इसके बाद से लगातार दहाई अंक में बनी हुई है।
तीन सितंबर, 2025 को जीएसटी परिषद ने पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की सरल द्वि-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दी थी। इस कदम को अनुपालन स्पष्टता और व्यावसायिक धारणा में सुधार लाने वाले कारक के रूप में देखा गया।
भाषा सुमित रमण
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