(जी उन्नीकृष्णन)
कोलंबो, 13 फरवरी (भाषा) ‘मिस्ट्री स्पिनर’ वरुण चक्रवर्ती, अबरार अहमद और उस्मान तारिक ने अगर प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेला गया टी20 विश्व कप मैच देखा होगा तो वे रविवार को यहां भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बड़े मैच से पहले काफी उत्साहित होंगे।
प्रेमदासा की ताजा पिच पर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने धीमी गेंदों का इस्तेमाल कर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोकते हुए 23 रन से उलटफेर भरी जीत हासिल की।
तो यह सोचना भी मुश्किल है कि ‘मिस्ट्री’ स्पिनर चक्रवर्ती, अहमद और तारिक की गेंदबाजी इस तरह की पिच पर कैसा असर डाल सकती है।
पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान चक्रवर्ती की ‘साइडस्पिन’ से ‘ओवरस्पिन’ करने से उनमें सुधार हुआ। कोण में हल्के बदलावों के साथ चक्रवर्ती कई दूसरे स्पिनरों की तुलना में तेजी से भी गेंदबाजी (औसत 95 किमी प्रति घंटा) करते हैं। हालांकि यह ट्रैक उन्हें रफ्तार धीमी करने पर मजबूर कर सकता है।
भारत के पूर्व स्पिनर सुनील जोशी ने कहा, ‘‘ऐसी रफ्तार और कोण पर, लेंथ ज्यादा अहम है। वरुण की लेंथ आदर्श है इसलिए बल्लेबाज आराम से पीछे नहीं हट सकते और पुल नहीं कर सकते या बड़े शॉट खेलने के लिए बाहर नहीं आ सकते। वह अपनी लेंथ से बल्लेबाजों के मन में बहुत सारे संशय पैदा कर सकते हैं। ’’
यह बाबर आजम जैसे बल्लेबाज के लिए अच्छा नहीं है जो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और चक्रवर्ती की गेंदों पर संघर्ष करते रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान अब भी शुरू से ही संघर्ष कर रहे हैं और अमेरिका के खिलाफ पिछले मैच में आधुनिक खेल के हिसाब से ढलने में उनकी हिचकिचाहट का का नमूना देखने को मिला।
लेकिन पाकिस्तान के पास चक्रवर्ती का मजबूत जवाब है तारिक। उनकी ‘पॉज एंड स्लिंग’ गेंद डालने के तरीके ने क्रिकेट के गलियारों में पहले ही काफी चर्चा शुरू कर दी हैं। अब रविवार को यह ऑफ-स्पिनर भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकना चाहेगा।
कुछ को उनमें पूर्व श्रीलंकाई गेंदबाज लसिथ मलिंगा की झलक मिलेगी। पाकिस्तान सुपर लीग में तारिक की टीम क्वेटा ग्लैडिएटर्स के महाप्रबंधक नबील हाशमी ने कहा, ‘‘उनका एक्शन उन्हें गेंद को बल्लेबाज की ‘आई लाइन’ से नीचे रखने में मदद करता है। इसलिए उन्हें हिट करना आसान नहीं है। यह लगभग ऐसा है जैसे आप हर गेंद पर यॉर्कर खेल रहे हों। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इससे भी ज्यादा तारिक एक परिपक्व इंसान हैं जो अपने खेल को समझते हैं और बल्लेबाज को अच्छी तरह से पढ़ते हैं। वह कुछ मुश्किलों से गुजरे हैं। पूरा एक्शन और ‘मिस्ट्री’ उनकी गेंदबाज को और निखारती है। ’’
अबरार को थोड़ा कमतर आंका गया है और भारतीय बल्लेबाज भी उनके खिलाफ कुछ बार खेल चुके हैं। लेकिन प्रेमदासा जैसी पिच पर यह लेग-स्पिनर अब भी मुश्किल हो सकता है।
सत्ताईस 27 साल का यह गेंदबाज खिलाड़ियों को चौंकाने के लिए गुगली और कैरम बॉल पर निर्भर रहता है और उसके 49 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट में से 34 इन्हीं दो गेंदों की बदौलत मिले हैं।
श्रीलंका के पूर्व स्पिनर उपुल चंदना ने कहा, ‘‘प्रेमदासा अक्सर स्पिनरों को अच्छी मदद दे सकता है। अगर आपने देखा हो कि श्रीलंका के स्पिनर इस जगह पर कैसे खेलते हैं। आपको बस गेंद को सही जगह पिच करनी है और बाकी काम यहां का ट्रैक कर देगा। अगर स्पिनरों को सही लेंथ मिल जाए तो वे आसानी से बोल्ड या पगबाधा आउट कर सकते हैं। ’’
भाषा नमिता मोना
मोना