सड़क सुरक्षा बढ़ाने, जागरूकता लाने में मदद कर सकती है प्रौद्योगिकी : गडकरी

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सड़क सुरक्षा बढ़ाने, जागरूकता लाने में मदद कर सकती है प्रौद्योगिकी : गडकरी

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 06:42 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 06:42 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि प्रौद्योगिकी भारत में जागरूकता बढ़ाने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यातायात नियमों का पालन करना और सीट बेल्ट व हेलमेट पहनना भले ही सामान्य लगे, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए ये बेहद जरूरी हैं।

ऑनलाइन कैब सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी उबर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि भारत में हर साल लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और 1.80 लाख लोगों की मौत होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यातायात नियमों का पालन करना, सीट बेल्ट और हेलमेट पहनना सुनने में सामान्य लगता है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने में इनकी बड़ी भूमिका होती है। जागरूकता फैलाने और हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने में प्रौद्योगिकी अहम भूमिका निभा सकती है।’’

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 1.48 प्रतिशत बढ़कर 4.87 लाख से ज्यादा हो गई, जिसके परिणामस्वरूप हर घंटे 20 लोगों की मौत हुई।

रिपोर्ट से पता चलता है कि देश में औसतन हर घंटे 56 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।

मंत्री ने कहा, ‘‘राह-वीर योजना के जरिये हम लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की बिना किसी हिचकिचाहट के मदद करने और ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान जान बचाने में सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।’’

गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटना के दौरान हर सेकंड मायने रखता है, खासकर अहम ‘गोल्डन ऑवर’ में, जब समय पर मिली मदद किसी की जान बचा सकती है।

इस योजना के तहत, जो कोई भी ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान दुर्घटना पीड़ित को चिकित्सा मदद दिलाने में मदद करता है, तो वह 25,000 रुपये के इनाम और प्रशंसा-पत्र का हकदार होता है।

गडकरी ने कहा कि सरकार ने सड़क सुरक्षा की समस्या से निपटने के लिए 4ई — एजुकेशन (शिक्षा), इंजीनियरिंग (सड़क और वाहन दोनों की), एनफोर्समेंट (कानून का पालन) और इमरजेंसी केयर (आपातकालीन देखभाल) पर आधारित एक बहु-आयामी रणनीति बनाई है।

इसी के अनुसार, उन्होंने कहा कि देश में सड़क सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय