नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) बैंक ऑफ बड़ौदा ने गिफ्ट सिटी स्थित अपने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) बैंकिंग इकाई के माध्यम से 50 करोड़ डॉलर का पांच साल का ऋण जुटाया है। इस ऋण में एशिया के प्रमुख बाजारों के निवेशकों ने भागीदारी की।
यह करीब एक वर्ष के अंतराल के बाद वैश्विक कर्जदाताओं के समूह के ऋण बाजार में बैंक की वापसी को दर्शाता है। इस तरह का ऋण एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था है जिसमें ऋणदाताओं का एक समूह (जिसे सिंडिकेट कहा जाता है) मिलकर एक ही उधारकर्ता को बड़ी राशि का ऋण प्रदान करता है।
बैंक ने बृस्पतिवार को बयान में कहा कि इस सुविधा से प्राप्त राशि का उपयोग सामान्य बैंकिंग और कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
इस लेनदेन में एशिया के प्रमुख बाजारों के 13 निवेशकों ने भाग लिया। इनमें ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर के निवेशक शामिल हैं।
बैंक के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक ब्याज दरों के बदलते माहौल के बावजूद निवेशकों की मांग और रुचि मजबूत बनी हुई है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) देबदत्त चंद ने कहा कि यह सफल लेनदेन बैंक की सावधानीपूर्ण वित्तीय प्रबंधन तथा दीर्घकालिक रणनीतिक दिशा पर वैश्विक संस्थानों के भरोसे को मजबूत करता है।
भाषा निहारिका अजय
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