नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) आने वाले दिनों में बेंगलुरु की कंपनी ‘राजेश एक्सपोर्ट्स’ को उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी भंडारण के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लाभार्थियों की सूची से हटाने पर फैसला कर सकता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, यह कदम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा पिछले सप्ताह पारित उस अंतरिम आदेश के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें कंपनी पर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मंत्रालय के भीतर इस बात को लेकर मजबूत राय बन रही है है कि कंपनी को इस योजना से हटाया जाना चाहिए।
मामले को जल्द ही भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के समक्ष रखा जाएगा।
एक सूत्र ने कहा, “आने वाले दिनों में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”
सेबी ने तीन जून को जारी अपने 109 पृष्ठ के अंतरिम आदेश में आरोप लगाया है कि मुख्य रूप से सोने के आभूषण बनाने और उसका निर्यात करने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच अपने राजस्व को 15.15 लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर दिखाया। यह इस अवधि के दौरान उसकी अनुषंगी कंपनियों के कुल राजस्व का लगभग 99.8 प्रतिशत है, जिसे पूरी तरह गलत तरीके से पेश किया गया।
भाषा योगेश संतोष
संतोष
संतोष