सफल परीक्षण के बाद जनवरी के अंत तक ‘भारत टैक्सी’ शुरू होगी: अधिकारी

सफल परीक्षण के बाद जनवरी के अंत तक 'भारत टैक्सी' शुरू होगी: अधिकारी

  •  
  • Publish Date - January 1, 2026 / 08:20 PM IST,
    Updated On - January 1, 2026 / 08:20 PM IST

(लक्ष्मी देवी एरे)

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) देश की सहकारी संस्थाओं के समर्थन वाली ऑनलाइन कैब बुकिंग की सेवा देने वाली ‘भारत टैक्सी’ जनवरी के अंत तक दिल्ली और अन्य शहरों में आधिकारिक रूप से शुरू की जाएगी। सहकारिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित यह डिजिटल मंच राजधानी में दो दिसंबर, 2024 को प्रायोगिक आधार पर शुरू किया गया था।

सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पंकज कुमार बंसल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि परीक्षण चरण के दौरान भारत टैक्सी सेवा को लोगों से अच्छा समर्थन मिला है और इसकी आधिकारिक शुरुआत महीने के अंत तक की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस सेवा के जरिए रोजाना औसतन 5,500 यात्राएं हो रही हैं, जिनमें 4,000 यात्राएं हवाई अड्डे से और 1,500 यात्राएं अन्य स्थानों से हो रही हैं। ये सेवाएं टैक्सी, ऑटो और बाइक श्रेणियों में दी जा रही हैं।

अब तक 1.4 लाख से अधिक चालक इस ऐप पर पंजीकरण करा चुके हैं।

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को आठ प्रमुख सहकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें अमूल, इफको, कृभको, नैफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं। इसके निदेशक मंडल में दो चुने हुए चालक प्रतिनिधि भी हैं।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मार्च 2024 में संसद में इस सहकारी टैक्सी सेवा की घोषणा की थी। इस पहल का उद्देश्य वाणिज्यिक वाहन चालकों की निजी कंपनियों पर निर्भरता कम करना है।

इस ऐप में मोबाइल से सवारी बुक करने, पारदर्शी किराया, वास्तविक समय में वाहन की जानकारी, बहुभाषी सुविधा और चौबीसों घंटे ग्राहक सेवा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

यह सेवा शून्य कमीशन मॉडल पर काम करती है, जिससे चालक हर यात्रा की पूरी कमाई अपने पास रख सकते हैं और सहकारी संस्था का लाभ सीधे उनके बीच बांटा जाता है।

इसके अलावा, इस मंच को मेट्रो रेल जैसी परिवहन सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे उपयोगकर्ता एक ही ऐप पर कई तरह की यात्रा सुविधाएं बुक कर सकते हैं। यात्रियों और चालकों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के साथ भी सहयोग किया गया है।

भाषा योगेश रमण

रमण