सरकारी खरीद प्रक्रिया की बोलियों के दस्तावेज सरल, सहज बनाए जाएंः व्यय सचिव

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सरकारी खरीद प्रक्रिया की बोलियों के दस्तावेज सरल, सहज बनाए जाएंः व्यय सचिव

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  • Publish Date - February 4, 2026 / 05:29 PM IST,
    Updated On - February 4, 2026 / 05:29 PM IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने बुधवार को कहा कि सरकारी खरीद मंच जीईएम के जरिये वस्तुओं एवं सेवाओं की सार्वजनिक खरीद के लिए तैयार किए जाने वाले बोली दस्तावेज संक्षिप्त और आसानी से समझ में आने वाले होने चाहिए, ताकि विक्रेता जरूरतों को स्पष्ट रूप से समझ सकें।

वुअलनाम ने ‘वैश्विक खरीद शिखर सम्मेलन 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि जीईएम मंच पर उपलब्ध कई निविदा दस्तावेज अत्यधिक लंबे होते हैं, जिससे उन्हें लागू करने वाली एजेंसियों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ बोली के दस्तावेज छोटे एवं सरल होने चाहिए। ज्यादा से ज्यादा अनुच्छेद जोड़ना हमेशा बेहतर नहीं होता है। बहुत अधिक दस्तावेजों को शामिल करना कई बार उलटा असर डाल सकता है।’’

इसके साथ ही व्यय सचिव ने कहा कि अनुबंध प्रबंधन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें और सुधार किए जाने की जरूरत है ताकि ठेका दिए जाने के बाद सरकार एवं विक्रेता दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभा सकें।

सरकार ने सरकारी खरीद को व्यवस्थित करने के लिए नौ अगस्त, 2016 को ‘गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस’ (जीईएम) मंच की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के लिए वस्तुओं तथा सेवाओं की ऑनलाइन खरीद को सरल एवं पारदर्शी बनाना है।

फिलहाल जीईएम मंच के साथ 1.5 लाख से अधिक सरकारी खरीदार और 62 लाख से ज्यादा विक्रेता एवं सेवा प्रदाता जुड़े हुए हैं। इस मंच के जरिये स्टेशनरी से लेकर वाहनों तक की खरीद की जाती है। वाहन, कंप्यूटर और कार्यालय फर्नीचर प्रमुख उत्पाद श्रेणियों में शामिल हैं।

इसके अलावा मंच पर परिवहन, हेलीकॉप्टर किराया, लॉजिस्टिक, अपशिष्ट प्रबंधन, वेबकास्टिंग और विश्लेषणात्मक सेवाओं सहित कई तरह की सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

भाषा प्रेम प्रेम निहारिका

निहारिका