गोवा आवास बोर्ड को संयुक्त उद्यम के जरिये परियोजनाएं शुरू करने का अधिकार देने वाला विधेयक पारित
गोवा आवास बोर्ड को संयुक्त उद्यम के जरिये परियोजनाएं शुरू करने का अधिकार देने वाला विधेयक पारित
पणजी, तीन सितंबर (भाषा) गोवा आवास बोर्ड को संयुक्त उद्यम और राजस्व-साझाकरण मॉडल के जरिये योजनाएं तथा विकास परियोजनाएं लागू करने की अनुमति संबंधी विधेयक राज्य विधानसभा ने पारित किया है।
विधेयक के दस्तावेज के अनुसार, स्वतंत्र रूप से निर्माण करने की तुलना में संयुक्त उद्यम मॉडल अपनाने से बोर्ड को व्यावहारिक, वित्तीय और प्रशासनिक लाभ मिलेंगे।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को गोवा आवास बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसके जरिये गोवा आवास बोर्ड अधिनियम, 1968 में संशोधन किया जाना है। सदन ने विधेयक को पारित कर दिया।
संशोधन के तहत एक नई धारा 28ए जोड़ी गई है। इसके तहत बोर्ड को राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी से आवास योजनाओं और परियोजनाओं को लागू करने के लिए योग्य एवं पात्र संस्थाओं के साथ संयुक्त उद्यम या विकास समझौते करने का अधिकार होगा।
इस प्रावधान के तहत बोर्ड राज्य सरकार द्वारा बनाए जाने वाले नियमों के अनुसार राजस्व-साझाकरण के आधार पर भी परियोजनाएं शुरू कर सकेगा।
विधेयक के दस्तावेज के अनुसार, मौजूदा रियल एस्टेट और नियामकीय माहौल में परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वारा साझेदारी मॉडल तेजी से अपनाए जा रहे हैं।
राज्य सरकार पात्रता के मानदंड, संयुक्त उद्यम समझौतों का प्रारूप और राजस्व-साझाकरण के जरिये परियोजनाओं को लागू करने की व्यवस्था तय करने वाले नियम बनाएगी।
भाषा निहारिका
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