वित्त वर्ष 2026-27 का बजट महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे, उद्योग की वृद्धि को बढ़ावा देगा: गोयल

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वित्त वर्ष 2026-27 का बजट महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे, उद्योग की वृद्धि को बढ़ावा देगा: गोयल

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  • Publish Date - February 14, 2026 / 07:54 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 07:54 PM IST

मुंबई, 14 फरवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचा, रेलवे और उद्योग के लिए किए गए प्रावधानों का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र इस बजट के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक होगा जिसका राज्य की वृद्धि पर सीधा असर होगा।

गोयल ने केंद्रीय बजट के बारे में यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुंबई और नवी मुंबई डेटा केंद्रों के लिए प्रमुख गंतव्य हैं क्योंकि वहां समुद्र के अंदर केबल बिछाई जाती है, जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करेगी और रोजगार पैदा करेगी।

उन्होंने कहा, “बजट में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 12.21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वधावन बंदरगाह, नया हवाई अड्डा और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से महाराष्ट्र को सीधे लाभ होगा। बुनियादी ढांचे में एक रुपये का निवेश 3 से 3.5 रुपये का लाभ देता है, जिससे आर्थिक वृद्धि बढ़ेगी और लॉजिस्टिक लागत घटेगी।”

उन्होंने बताया कि बजट क्रेडिट गारंटी योजनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग और क्लाउड सेवाओं के विस्तार के माध्यम से एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्रों पर केंद्रित है।

गोयल ने कहा कि विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सुरक्षित बंदरगाह नियम लागू किए गए हैं और साथ ही समुद्री बंदरगाहों और वस्त्र उद्यानों से जुड़े तीन रासायनिक पार्कों की भी घोषणा की गई है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में रेलवे के लिए आवंटन पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2009 और 2014 के बीच महाराष्ट्र के लिए रेल बजट प्रावधान 1,170 करोड़ रुपये का था, जबकि वर्तमान प्रावधान 24,000 करोड़ रुपये का है। उन्होंने कहा कि बजट में महाराष्ट्र के लिए राज्य घटक के तहत एक लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं।

उन्होंने मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद के बीच हाई-स्पीड रेल मार्गों के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 38 विकसित देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया गया है।

उन्होंने कहा, “डेयरी, कृषि और जीएम खाद्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इन समझौतों से बाहर रखा गया है। कपड़ा, जूते, चमड़ा, हथकरघा, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्र इससे लाभान्वित होंगे। इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और निवेश आकर्षित होगा।”

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम