शोध को बढ़ावा देने के लिए बजट में नीतिगत प्रोत्साहन देना चाहिए: एमपीसी सदस्य

शोध को बढ़ावा देने के लिए बजट में नीतिगत प्रोत्साहन देना चाहिए: एमपीसी सदस्य

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 07:26 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 07:26 PM IST

(बिजय कुमार सिंह)

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य नागेश कुमार ने सोमवार को कहा कि सरकार को आगामी बजट में आरएंडडी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत प्रोत्साहन देना चाहिए और उद्योग के लिए दीर्घकालिक पूंजी सुनिश्चित करने हेतु एक संस्थागत कोष बनाना चाहिए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी।

कुमार ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ”विनिर्माण आधारित वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आम बजट 2026-27 में भारतीय कंपनियों की अपनी शोध एवं विकास (आरएंडडी) गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु कुछ नीतिगत उपायों पर विचार करना चाहिए। इससे उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि शोध, विकास और नवाचार (आरडीआई) तथा अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (एएनआरएफ) हाल के समय में अपनाए गए महत्वपूर्ण उपाय हैं।

उन्होंने कहा, ”लेकिन इन्हें कॉरपोरेट आरएंडडी गतिविधियों के प्रोत्साहनों के साथ पूरक बनाने की आवश्यकता है।”

एमपीसी सदस्य ने कहा कि आरएंडडी खर्च के लिए 200 प्रतिशत ‘भारित कर कटौती’ को बहाल करना ऐसी ही एक नीति हो सकती है। कुमार के अनुसार एक अन्य सुझाव विनिर्माण के लिए सावधि ऋण देने के लिए एक नई संस्थागत संरचना तैयार करना होगा।

जाने-माने अर्थशास्त्री ने कहा, ”वाणिज्यिक बैंकों को उद्योग के लिए दीर्घकालिक ऋण देने में परिसंपत्ति-देनदारी असंतुलन का सामना करना पड़ता है। विनिर्माण के लिए एक नया विशेष विकास वित्त संस्थान समय की मांग है।”

भारतीय मुद्रा की विनिमय दर में गिरावट पर कुमार ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी, ट्रंप की शुल्क नीतियों और भारत के निर्यात पर उनके प्रभाव के बारे में अनिश्चितता जैसे कारकों के चलते रुपये में गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि मुद्रा के मूल्य में गिरावट भारत के निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र के लिए मददगार है और इस बारे में बहुत अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91 के करीब बना हुआ है। अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 14 पैसे टूटकर 90.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 91 के स्तर को पार कर गया था।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण