वैध पर्यावरणीय मंजूरी के बिना खदान संचालन पर कैग ने एनएलसी इंडिया को लगाई फटकार

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वैध पर्यावरणीय मंजूरी के बिना खदान संचालन पर कैग ने एनएलसी इंडिया को लगाई फटकार

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 05:18 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 05:18 PM IST

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने वैध पर्यावरणीय मंजूरी के बिना अपनी एक खदान का संचालन करने के लिए एनएलसी इंडिया को फटकार लगाई है।

कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) के पुनः सत्यापन के लिए कंपनी द्वारा समय पर आवेदन नहीं करने के कारण एनएलसी इंडिया ने अपनी ‘माइन-II’ का संचालन वैध ईसी के बिना किया।

ऑडिट में यह भी सामने आया कि अगस्त, 2017 में उच्चतम न्यायालय के आदेश और अप्रैल, 2018 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) की अधिसूचना के बाद ईसी पुनः सत्यापन के लिए आवेदन में देरी के कारण खदान में अनधिकृत संचालन हुआ।

‘एनएलसी इंडिया लिमिटेड के परिचालन प्रदर्शन’ पर 2017-18 से 2022-23 की अवधि को शामिल करने वाली प्रदर्शन ऑडिट रिपोर्ट सोमवार को राज्यसभा और बुधवार को लोकसभा के पटल पर रखी गई।

कैग रिपोर्ट के अनुसार, ‘कॉरपोरेट एनवायरनमेंट सेल’ और ‘माइन-II’ योजना विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण यह चूक हुई जिससे एनएलसी इंडिया को गौण खनिजों के उत्पादन एवं बिक्री से वंचित होना पड़ा।

कोयला मंत्रालय के अधीन एनएलसी इंडिया लिमिटेड तमिलनाडु के नेवेली एवं राजस्थान के बरसिंगसर में मुख्य रूप से प्रमुख खुली खदान लिग्नाइट खदानों और खान के मुहाने पर ताप विद्युत संयंत्रों का संचालन करती है।

भाषा निहारिका अजय

अजय