Complaint Against PM Modi || Image- CEC File
नई दिल्ली: संसद में संविधान संशोधन विधेयक के गिरने से केंद्र सरकार में निराशा है। सरकार और भाजपा इसके लिए सीधे तौर पर विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहरा रहे है। भाजपा इसके खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है और विपक्ष को महिला विरोधी ठहरा रही हैं। कल रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर देशवासियों को सम्बोधित किया और विपक्ष की तीखी आलोचना की। (Complaint Against PM Modi to Chief Election Commission) वही अब पीएम पर आरोप लग रहे है कि, उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उललंघन किया है। इस संबंध में चुनाव आयोग को खत भी लिखा गया है।
इस बारें में केरलम से सीपीआई के राज्यसभा सांसद संतोष कुमार पी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को खत लिखकर पीएम के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका आरोप है कि, पीएम ने देश के पांच राज्यों में लागू आदर्श आचार संहिता के बीच लोगों को सम्बोधित किया है।
राज्यसभा सांसद संतोष कुमार पी ने लिखा हैं, “मैं आपका ध्यान पांच राज्यों में लागू मौडल कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) के गंभीर उल्लंघन की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। हाल ही में प्रधानमंत्री और बीजेपी नेता श्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधित करना, सभी वस्तुनिष्ठ मापदंडों पर देखा जाए तो एक राजनीतिक भाषण था। इसमें पक्षपाती बातें, चुनिंदा जानकारी और सीधे तौर पर जनता की राय को प्रभावित करने के प्रयास शामिल थे, जबकि यह विषय राजनीतिक विवाद के अंतर्गत था।”
सांसद ने आगे लिखा, “इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि यह भाषण राष्ट्रीय प्रसारण माध्यमों जैसे दूरदर्शन और संसद टीवी पर दिखाया गया। राज्य के संसाधनों और सार्वजनिक वित्त पोषित प्लेटफार्म का इस्तेमाल मुख्य रूप से राजनीतिक संदेश देने के लिए करना, चुनावी नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। (Complaint Against PM Modi to Chief Election Commission) इससे चुनाव में निष्पक्षता प्रभावित होती है और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के तहत चुनाव आयोग की जिम्मेदारी कमजोर होती है।”
कार्रवाई की मांग करते हुए सांसद ने लिखा कि, “यदि चुनाव आयोग इस तरह के मामले पर ध्यान नहीं देता, तो इससे संस्थागत भागीदारी का संदेश जाता है और जनता का आयोग पर भरोसा कम होता है। मैं आयोग से आग्रह करता हूँ कि वह इस मामले पर तुरंत और गंभीर कार्रवाई करें, जांच शुरू करें और सुनिश्चित करें कि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता सुरक्षित रहे।”
P Sandosh Kumar, CPI Rajya Sabha MP from Keralam has written a letter to Gyanesh Kumar, Chief Election Commissioner, for violation of the Model Code of Conduct through the PM’s address.
“The recent address to the nation by the Prime Minister and BJP leader Narendra Modi was, by… pic.twitter.com/mwCMwLUwZm
— ANI (@ANI) April 19, 2026
गौरतलब है कि, पीएम मोदी ने शनिवार रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन में महिला आरक्षण बिल के संसद में पारित न हो पाने पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह बिल केवल दिल्ली का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों की महिलाओं को सशक्त बनाने का एक सुनहरा अवसर था। पीएम मोदी ने विपक्ष के व्यवहार को नकारात्मक राजनीति करार देते हुए कहा कि इन दलों ने अपने राज्यों की जनता के साथ विश्वासघात किया है।
सपा (SP) का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “सपा के पास अपनी महिला विरोधी छवि के दाग को धोने का मौका था, लेकिन उन्होंने बिल का विरोध करके डॉ. लोहिया के सपनों को पैरों तले रौंद दिया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने उसे ‘एंटी-रिफॉर्म’ पार्टी करार दिया। (Complaint Against PM Modi to Chief Election Commission) उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास 21वीं सदी के भारत के लिए लिए गए हर फैसले को खारिज करने का रहा है और यह उनकी नकारात्मक राजनीति का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा, “अगर यह बिल पास होता तो बंगाल, यूपी और केरल जैसे सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। यह सभी दलों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था।” उन्होंने डीएमके (DMK) पर हमला करते हुए कहा कि उनके पास मौका था कि वे तमिलनाडु से और अधिक महिलाओं को सांसद-विधायक बना सकते थे, लेकिन उन्होंने इसे खो दिया। इसी तरह, टीएमसी (TMC) पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ने बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का अवसर गंवा दिया।
मैं देशभर की माताओं-बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को हम खत्म करेंगे। हमें आधी आबादी के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है। pic.twitter.com/OLDsJpQNcE
— Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2026
देश को सशक्त बनाने वाले हर प्रयास में बाधाएं खड़ी करने के लिए कांग्रेस अपनी पूरी शक्ति लगा देती है। इसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं… pic.twitter.com/GTSu0YPres
— Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2026
कांग्रेस और उसके साथी दल डिलिमिटेशन पर भी लगातार झूठ बोल रहे हैं। बांटो और राज करो की नीति पर चलने वाली ये पार्टियां इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहती हैं। pic.twitter.com/X1KZJqxEnI
— Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2026