Kedarnath Temple Opening: रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के पवित्र हिमालयी धाम केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया आज विधिवत शुरू हो गई है। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली सुबह शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से भव्य रूप में रवाना हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच मंदिर की परिक्रमा कर डोली ने यात्रा आरंभ की। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।
#WATCH | Uttarakhand: The formal commencement of the pilgrimage to Baba Kedarnath—one of the most revered centers of faith in Uttarakhand—has begun. Panchmukhi palanquin of Lord Kedarnath set out for Kedarnath Dham amid grand religious rituals and traditions.
In the morning, the… pic.twitter.com/RGzNcFVCaC
— ANI (@ANI) April 19, 2026
सुबह सभी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए डोली को ओंकारेश्वर मंदिर से विधिपूर्वक विदा किया गया। इस दौरान मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग ने विशेष पूजा-अर्चना संपन्न करवाई। मंदिर परिसर को आठ कुंतल फूलों से सजाया गया था, जिससे वातावरण अत्यंत भव्य और दिव्य दिखाई दे रहा था। इससे पहले शनिवार रात को भैरवनाथ मंदिर में विशेष पूजा आयोजित की गई।
निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां विश्वनाथ मंदिर में कुछ समय विश्राम किया जाएगा और श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके बाद डोली फाटा के लिए रवाना होगी, जहां रात्रि विश्राम तय है। यात्रा के अगले चरण में 20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी और वहीं रात्रि विश्राम करेगी।
21 अप्रैल को डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी और मंदिर भंडार पहुंचेगी। इसके बाद 22 अप्रैल को सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो जाएगा। प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति द्वारा यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।