SMART METER UP/ image source: wikipedia
UP Smart Meter News: लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पुराने बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के अभियान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। शनिवार रात एक अहम निर्णय लेते हुए डॉ. आशीष गोयल ने पूरे प्रदेश में मीटर बदलने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए। यह फैसला तब लिया गया जब अलग-अलग जिलों से स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार शिकायतें और विरोध सामने आने लगे। आदेश में साफ कहा गया है कि यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय तकनीकी कमेटी अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंप देती।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से सभी बिजली वितरण निगमों (डिस्कॉम) के प्रबंध निदेशकों को पत्र भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी उपभोक्ता का पुराना मीटर न तो जबरन और न ही स्वेच्छा से बदला जाए। हालांकि, विभाग ने यह भी साफ किया है कि नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया जारी रहेगी और नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मीटर के माध्यम से ही कनेक्शन दिए जाएंगे, ताकि तकनीकी व्यवस्था प्रभावित न हो।
पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई हिस्सों से उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया था कि बिना पूर्व सूचना या सहमति के उनके पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। कई लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। इसके अलावा प्रीपेड सिस्टम में बैलेंस खत्म होते ही बिना चेतावनी बिजली कट जाने से आम जनता में नाराजगी बढ़ी। इन शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों ने बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग के साथ समीक्षा बैठक की और सख्त रुख अपनाया। इसके बाद 12 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय तकनीकी कमेटी का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य स्मार्ट मीटरों की सटीकता, बिलिंग सिस्टम और उपभोक्ताओं की शिकायतों की गहराई से जांच करना है। अब इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।