कार्लाइल, आदित्य पुरी 2,100 करोड़ रुपये में एडलवाइस की आवास वित्त कंपनी में हिस्सेदारी खरीदेंगे

कार्लाइल, आदित्य पुरी 2,100 करोड़ रुपये में एडलवाइस की आवास वित्त कंपनी में हिस्सेदारी खरीदेंगे

कार्लाइल, आदित्य पुरी 2,100 करोड़ रुपये में एडलवाइस की आवास वित्त कंपनी में हिस्सेदारी खरीदेंगे
Modified Date: February 10, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: February 10, 2026 7:31 pm IST

मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) एचडीएफसी बैंक के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदित्य पुरी, निजी इक्विटी कंपनी कार्लाइल समूह के साथ मिलकर एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज की आवास वित्त इकाई में 2,100 करोड़ रुपये में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदेंगे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पुरी की निवेश कंपनी सैलिसबरी इन्वेस्टमेंट्स, कार्लाइल से संबद्ध सीए सार्डो इन्वेस्टमेंट्स के साथ मिलकर, निडो होम फाइनेंस में 73 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। यह बहुस्तरीय सौदा इस साल जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोनों कंपनियां पहले प्राथमिक और द्वितीयक इक्विटी खरीद के मिश्रण के माध्यम से निडो में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करेंगी और फिर वारंट के रूपांतरण के माध्यम से अपनी कुल हिस्सेदारी को 73 प्रतिशत तक बढ़ाएंगी।

शेयरों का प्राथमिक निर्गम 1,500 करोड़ रुपये तक होगा, जबकि शेष 600 करोड़ रुपये मौजूदा शेयरधारकों से द्वितीयक खरीद के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे।

वर्तमान में, निडो एडलवाइस समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है और इसके शेयरधारकों में एडलवाइस रूरल एंड कॉरपोरेट सर्विसेज और एडल फाइनेंस कंपनी शामिल हैं।

पुरी और कार्लाइल के बीच हिस्सेदारी की फिलहाल जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कार्लाइल समूह के वरिष्ठ सलाहकार पुरी ने 2021 में निजी इक्विटी कंपनी के साथ पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस में भी निवेश भी किया था।

कार्लाइल के भागीदार और एशिया वित्तीय सेवा क्षेत्र के प्रमुख सुनील कौल ने कहा, ‘‘हमें आवास वित्त उद्योग की विकास क्षमता पर पूरा भरोसा है। हम वित्तीय सेवाओं और आवास वित्त में अपने व्यापक अनुभव का लाभ उठाकर निडो को अपने परिचालन का विस्तार करने और ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में किफायती आवास की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए उत्साहित हैं।’’

बयान के अनुसार, यह सौदा भारतीय रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और अन्य नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर है।

भाषा रमण अजय

अजय


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