कैट की जीएसटी में नियम 86 बी को रोकने की मांग, सीतारमण को पत्र लिखा

कैट की जीएसटी में नियम 86 बी को रोकने की मांग, सीतारमण को पत्र लिखा

कैट की जीएसटी में नियम 86 बी को रोकने की मांग, सीतारमण को पत्र लिखा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: December 25, 2020 12:32 pm IST

नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में नियम 86 बी को रोकने की मांग की है। इस नियम के तहत प्रत्येक व्यापारी जिसका मासिक कारोबार 50 लाख रुपये से ज़्यादा है, को अनिवार्य रूप से अपनी एक प्रतिशत जीएसटी देनदारी को नकद जमा कराना होगा।

इस प्रावधान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कैट ने शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर मांग की है कि इस नियम को तुरंत स्थगित किया जाए और व्यापारियों से सलाह कर ही इसे लागू किया जाए। कैट ने यह भी मांग की है कि जीएसटी एवं आयकर में ऑडिट रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर, 2020 को भी तीन महीने के लिए आगे बढ़ाया जाए।

कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने सीतारमण को भेजे पत्र में यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब एक बार सरकार को व्यापारियों के साथ बैठकर जीएसटी कर प्रणाली की संपूर्ण समीक्षा करनी चाहिए तथा कर प्रणाली को और सरलीकृत करना चाहिए।

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कैट ने इस मुद्दे पर सीतारमण से मिलने का समय मांगा है।

भाषा अजय अजय मनोहर

मनोहर


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