नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) केंद्र सरकार राजस्व अंतर को पूरा करने के लिए 2026-27 के अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिये बाजार से आठ लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने कहा कि 2026-27 के बजट अनुमान में सकल बाजार उधारी 17.20 लाख करोड़ रुपये थी। बजट पेश होने के बाद से परिपक्व हो चुकी कुछ सरकारी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद हुई, जिससे सकल बाजार उधारी घटकर 16.09 लाख करोड़ रुपये रह गई।
उसने कहा, ‘‘ 16.09 लाख करोड़ रुपये में से 8.20 लाख करोड़ रुपये (51 प्रतिशत) पहली छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिये उधार लेने की योजना है। इसमें 15,000 करोड़ रुपये के सरकारी हरित बॉन्ड (एसजीआरबी) भी शामिल हैं।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत के बराबर अनुमानित राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपये उधार लेने का प्रस्ताव रखा था।
कुल राशि के रूप में 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 16.9 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
उन्होंने बजट पेश करते समय कहा था, ‘‘ राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करने के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। शेष वित्तपोषण लघु बचत एवं अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है। सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।’’
भाषा निहारिका रमण
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