नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) जल शक्ति मंत्रालय ने सुधारों से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर और अनिवार्य शर्तों को पूरा करने के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के तहत पांच राज्यों को 1,561.53 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कुल जारी राशि में से उत्तर प्रदेश को 792.93 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ को 536.53 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 154.02 करोड़ रुपये, ओडिशा को 65.31 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 12.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मंत्रालय ने बताया कि यह राशि राज्यों द्वारा जेजेएम 2.0 के तहत प्रमुख सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता जताने के बाद जारी की गई है। इन सुधारों में बेहतर जल सेवा वितरण मानक, स्थिरता के उपाय और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों का सामुदायिक प्रबंधन शामिल है।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पहली बार ‘प्रदर्शन-आधारित तंत्र’ लागू किया गया है। इसके तहत राज्यों को पैसा जारी होने से पहले वित्तीय, तकनीकी और डेटा संबंधी मानकों को पूरा करना अनिवार्य है।
अब तक 12 राज्यों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तहत राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के साथ इन सुधार-आधारित समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 मार्च को ‘जेजेएम 2.0’ को मंजूरी दी थी। इस नए चरण का लक्ष्य केवल पाइप बिछाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप के जरिये निरंतर और लंबे समय तक चलने वाली पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
जेजेएम 2.0 के तहत सरकार का लक्ष्य दिसंबर, 2028 तक सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है।’
भाषा सुमित अजय
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