बिहार के खनिज संसाधन के विकास में केंद्र हरसंभव सहयोग देगा: सतीश चंद्र दुबे

बिहार के खनिज संसाधन के विकास में केंद्र हरसंभव सहयोग देगा: सतीश चंद्र दुबे

बिहार के खनिज संसाधन के विकास में केंद्र हरसंभव सहयोग देगा: सतीश चंद्र दुबे
Modified Date: September 28, 2026 / 09:17 pm IST
Published Date: September 28, 2026 9:17 pm IST

पटना, 28 सितंबर (भाषा) केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सोमवार को कहा कि बिहार में उपलब्ध खनिज संसाधन के वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीक आधारित विकास के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी तथा खनिज खोज, ई-नीलामी और उत्पादन-प्रेषण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

दुबे ने पटना में बिहार के खनिज संसाधनों के विकास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए भूमिगत कोयला गैसीकरण यानी कोयले से गैस बनाने जैसी परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के कोयला संसाधनों के उपयोग की संभावनाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि भागलपुर जिले में खोजे गए कोयला ब्लॉक में भूमिगत कोयला गैसीकरण की संभावनाओं का संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार की खनिज संपदा के वैज्ञानिक एवं सतत विकास की दिशा में कार्य करेंगी। संभावित निवेशकों और बोलीदाताओं को राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों तथा उनकी तकनीकी संभावनाओं की जानकारी देने के लिए पटना में ‘रोड शो’ आयोजित की जाएगी।

बैठक में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के साथ-साथ अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों की भागीदारी से खनिज अन्वेषण गतिविधियों को तेज करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने विभिन्न खनिजों की पहचान से लेकर उनके व्यावसायिक उपयोग तक की प्रक्रिया में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।

बैठक में ग्लूकोनाइट, लाइमस्टोन, निकेल-क्रोमियम, प्लैटिनम समूह तत्व (पीजीई) तथा पत्थर के विभिन्न खनिज ब्लॉक की ई-नीलामी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। रोहतास जिले के पिपराडीह-भुरवा एवं चुटिया-नौहट्टा ग्लूकोनाइट ब्लॉक तथा भोरा-कथरा लाइमस्टोन ब्लॉक की स्थिति पर चर्चा हुई।

इसके अलावा, गया जिले के गेंजाना निकेल-क्रोमियम एवं पीजीई ब्लॉक में उत्पादन और प्रेषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए दुबे ने संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कर शीघ्र उत्पादन शुरू करने के निर्देश दिए।

राज्य के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार की खनिज संपदा औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। सरकार का लक्ष्य खोज से लेकर ई-नीलामी, उत्पादन और प्रेषण तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, वैज्ञानिक और समयबद्ध बनाना है।

बैठक में खान मंत्रालय, बिहार खान एवं भूतत्व विभाग, जीएसआई, राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी), मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) तथा अन्य संबंधित संस्थानों के अधिकारी उपस्थित थे।

भाषा कैलाश

रवि कांत रमण

रमण


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