चक्रवर्ती से इस्तीफे पर विचार करने, चिंताओं को स्पष्ट करने को कहा गया था: एचडीएफसी बैंक सीईओ

चक्रवर्ती से इस्तीफे पर विचार करने, चिंताओं को स्पष्ट करने को कहा गया था: एचडीएफसी बैंक सीईओ

चक्रवर्ती से इस्तीफे पर विचार करने, चिंताओं को स्पष्ट करने को कहा गया था: एचडीएफसी बैंक सीईओ
Modified Date: March 19, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: March 19, 2026 7:15 pm IST

मुंबई, 19 मार्च (भाषा) एचडीएफसी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन ने बृहस्पतिवार को कहा कि बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को अपने इस्तीफे के फैसले पर पुनर्विचार करने, नैतिकता से संबंधित चिंताओं पर विस्तार से बताने और इस्तीफे में उपयोग किये गये कुछ शब्दों को वापस लेने के लिए कहा गया था।

इस अप्रत्याशित कदम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बैंक के निदेशक मंडल के अधिकतर सदस्यों ने कहा कि वह चक्रवर्ती के इस कदम से ‘हैरान’ हैं क्योंकि उन्होंने इस्तीफे में जिन चिंताओं का जिक्र किया है, उनके बारे में साफ-साफ कुछ नहीं बताया।

जगदीशन के अनुसार, बैंक में समस्या वाली कोई बात नहीं है और प्रबंधन ने विश्वास जताया कि समय के साथ बैंक अपनी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई कर लेगा।

एक अप्रत्याशित कदम में, चक्रवर्ती ने बुधवार को नैतिकता संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए बैंक से इस्तीफा दे दिया। सेवानिवृत्त नौकरशाह चक्रवर्ती पांच साल से बैंक के निदेशक मंडल (बोर्ड) में थे।

उन्होंने इस्तीफा देते हुए लिखा, ‘‘पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और गतिविधियां देखी हैं जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं।’’

जगदीशन ने कहा, ‘‘बोर्ड के हर सदस्य ने चक्रवर्ती को अपना इस्तीफा वापस लेने या चिंताओं को विस्तार से समझाने की कोशिश की ताकि उनका समाधान किया जा सके, लेकिन वह नहीं माने।

उन्होंने कहा कि 17 मार्च (मंगलवार) के इस्तीफे पर बुधवार को बोर्ड की नामांकन और पारिश्रमिक समिति की बैठक में चर्चा हुई और शाम करीब सात बजे, दो पूर्णकालिक सदस्यों और दो स्वतंत्र निदेशकों सहित निदेशक मंडल के चार सदस्यों ने आरबीआई से घटनाक्रम के बारे में बातचीत शुरू की।

जगदीशन ने कहा कि पत्र में इस्तेमाल की गई भाषा को कुछ हद तक बदलने की कोशिश भी की गई थी। उन्होंने संकेत दिया कि इसमें सफलता न मिलने के कारण आरबीआई को जानकारी दी गई और नियामक ने तत्परता दिखाते हुए केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त करने को मंजूरी दी।

प्रबंधन और चक्रवर्ती के बीच मतभेदों को लेकर व्यापक अटकलों के बीच, मिस्त्री ने ‘व्यक्तिगत संबंधों के मुद्दे’ का संकेत दिया, लेकिन संवाददाताओं से इस विषय में न पड़ने का अनुरोध किया।

स्वतंत्र निदेशक एम डी रंगनाथ ने कहा कि बोर्ड के सदस्यों ने चक्रवर्ती से बार-बार स्थिति साफ करने को कहा, लेकिन उन्होंने कोई उदाहरण नहीं दिया। वहीं, रेणु सूद कर्णाद ने कहा कि बोर्ड ‘हैरान’ था क्योंकि उन्होंने इस्तीफा पत्र में किए गए किसी भी दावे के बारे में खुलकर बात नहीं की।

बैंक की मूल कंपनी एचडीएफसी के कार्यकारी वाइस चेयरमैन रह चुके 71 वर्षीय मिस्त्री ने कहा कि एचडीएफसी बैंक का संचालन उत्कृष्ट है और बैंक पारदर्शिता, विश्वास और ईमानदारी के मूल्यों को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें इन मुद्दों पर जरा भी संदेह होता तो वह यह जिम्मेदारी नहीं लेते।

मिस्त्री ने बताया कि नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति जगदीशन की फिर से नियुक्ति पर चर्चा करने के लिए एक महीने में बैठक करेगी, क्योंकि उनका कार्यकाल सात महीने बाद समाप्त हो रहा है और साथ ही चेयरमैन का भी चयन करेगी।

भाषा रमण अजय

अजय


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