चंडीगढ़ धोखाधड़ी मामले में 645 करोड़ रुपये के दावों का निपटान: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक

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चंडीगढ़ धोखाधड़ी मामले में 645 करोड़ रुपये के दावों का निपटान: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 11:42 AM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 11:42 AM IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) निजी क्षेत्र के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मंगलवार को कहा कि चंडीगढ़ की एक शाखा में सामने आए धोखाधड़ी मामले से जुड़े दावों का निपटान 645 करोड़ रुपये में कर दिया गया है और इस मामले में कोई अन्य गड़बड़ी सामने नहीं आई है।

बैंक ने पिछले महीने बताया था कि चंडीगढ़ स्थित उसकी एक शाखा में हरियाणा सरकार के कुछ खातों से जुड़े मामलों में कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।

बैंक ने शेयर बाजार को दी नवीनतम सूचना में कहा कि पहले इस राशि का आकार 590 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था लेकिन बाद में मिले दावों के आधार पर 645 करोड़ रुपये की मूल राशि का भुगतान किया गया है, जो प्रारंभिक अनुमान से 55 करोड़ रुपये अधिक है।

बैंक ने कहा कि ये सभी दावे उसी घटना एवं संबंधित शाखा से जुड़े हैं और यह कोई नया मामला नहीं है। इसके साथ ही बैंक ने कहा कि फिलहाल कोई अन्य दावा लंबित नहीं है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा कि वह इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा और बकाया राशि की वसूली के प्रयास करेगा।

बैंक के मुताबिक, सभी संबंधित खातों का मिलान पूरा कर लिया गया है और इसमें कोई अन्य गड़बड़ी नहीं पाई गई है।

इसके साथ ही बैंक ने कहा कि 25 फरवरी, 2026 के बाद से चंडीगढ़ की उस शाखा या देश में किसी अन्य इकाई से कोई नया दावा नहीं आया है।

भाषा प्रेम प्रेम

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