Mahant Maa Chetananand Saraswati: अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाली इस साध्वी की अचानक हुई मौत, सामने आई ये वजह, मचा हड़कंप

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Mahant Maa Chetananand Saraswati: गाजियाबाद: सिद्धपीठ शिवशक्ति धाम चंडीदेवी मंदिर, डासना धाम की महंत मां चेतनानंद सरस्वती का निधन हो गया है। वह 51 वर्ष की थीं और पिछले 26 वर्षों से गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर से जुड़ी हुई थीं।

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 09:08 AM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 09:08 AM IST

saadhvi death/ image source: Chhotukingoffi1 x handle

HIGHLIGHTS
  • महंत मां चेतनानंद का निधन
  • मेरठ में हार्ट अटैक से मौत
  • डासना मंदिर से लंबा जुड़ाव

Mahant Maa Chetananand Saraswati: गाजियाबाद: सिद्धपीठ शिवशक्ति धाम चंडीदेवी मंदिर, डासना धाम की महंत मां चेतनानंद सरस्वती का निधन हो गया है। वह 51 वर्ष की थीं और पिछले 26 वर्षों से गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर से जुड़ी हुई थीं। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित थीं। गुरुवार शाम मेरठ में हार्ट अटैक आने के बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।

दो दिन पहले ही गाजियाबाद स्थित मंदिर से मेरठ गई थीं

छोटा नरसिंहानंद उर्फ अनिल यादव के अनुसार, मां चेतनानंद सरस्वती दो दिन पहले ही गाजियाबाद स्थित मंदिर से मेरठ गई थीं। वहीं अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके चलते उनका निधन हो गया। वह मंदिर की महंत होने के साथ-साथ कई प्रमुख धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रूप से शामिल रहती थीं। उनके निधन को एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उनके अनुयायियों और आश्रम से जुड़े लोगों के बीच।

मां चेतनानंद सरस्वती को महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का शिष्य माना जाता था

मां चेतनानंद सरस्वती को महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का शिष्य माना जाता था। उनके निधन पर यति नरसिंहानंद गिरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनकी अंतिम यात्रा शुक्रवार को मेरठ में निकाली जाएगी। वह अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में भी रहती थीं और हिंदूवादी वक्ता के रूप में उनकी एक अलग पहचान थी। उनके निधन से धार्मिक जगत में शोक का माहौल है।

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