Gwalior Husband Swap Case : पतियों की अदला—बदली करना चाहतीं थी बहनें, हाईकोर्ट में जज के सामने बताई अपनी इच्छा, मामला जानकर पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

Ads

मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां दो सगी बहनों ने अपने पतियों की अदला-बदली की इच्छा जताई। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

  •  
  • Publish Date - May 1, 2026 / 10:24 AM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 10:24 AM IST

Gwalior Husband Swap Case / Image Source : AI GENERATED

HIGHLIGHTS
  • ग्वालियर हाईकोर्ट में अजीबोगरीब मामला सामने आया
  • दो सगी बहनों ने पतियों की अदला-बदली की जताई इच्छा
  • कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज की

ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट में गुरुवार को एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ दो सगी बहनों ने अपने पतियों की अदला-बदली करने की इच्छा जताई है। कोर्ट में एक बहन ने जीजा के साथ रहने की बात कही, तो दूसरी बहन ने दामाद के साथ रहने की इच्छा जाहिर कर दी।

प्रत्यक्षीकरण याचिका के बाद शुरू हुआ पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, ये पूरी घटना दतिया के रहने वाले गिरिजा शंकर द्वारा दायर की गई एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के बाद शुरू हुआ। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मायाराम नामक व्यक्ति ने उनकी पत्नी और बेटी को बंधक बना रखा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को महिला को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे।

दोनों बहन ने पति बदलने की ज़ाहिर की इक्छा

सुनवाई के दौरान जब महिला को कोर्ट में लाया गया, तो पूरा मामला पलट गया। महिला ने कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि वह अपनी मर्जी से मायाराम के साथ रह रही है, जो उसका सगा दामाद मतलब उसकी छोटी बहन का पति है। इसके बाद मामले में तब और चौंकाने वाला मोड़ आया जब मायाराम की पत्नी यानी महिला की छोटी बहन ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उसने अदालत के सामने इच्छा जाहिर की कि वह अब अपने जीजा बड़ी बहन के पति के साथ रहना चाहती है।

हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

दोनों बहनों की आपसी सहमति और पतियों की अदला-बदली की इस चौंकाने वाली इच्छा को सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने गिरिजा शंकर द्वारा दायर की गई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया।

इन्हें भी पढ़ेंः-

 

मामला क्या है?

दो सगी बहनों ने कोर्ट में अपने पतियों को बदलकर साथ रहने की इच्छा जताई।

यह मामला कोर्ट तक कैसे पहुंचा?

गिरिजा शंकर ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी, जिसमें पत्नी और बेटी को बंधक बनाने का आरोप लगाया गया था।

कोर्ट का क्या फैसला रहा?

कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद याचिका को खारिज कर दिया।