केंद्र सरकार ने उन खबरों पर विराम लगा दिया जिसमें कहा जा रहा था कि अब आपकी चेक बुक बेकार हो जाएगी। दरअसल मीडिया में खबरें चल रही थी कि सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढावा देने के लिए चेक बुक बंद करने जा रही है. सरकार ने आज स्पष्ट किया कि चेक बुक सुविधा को वापस लेने को कोई प्रस्ताव नहीं है और वह इस तरह के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही.
वित्त मंत्रालय ने मीडिया में इस आशय की आई खबरों का खंडन करते हुए कहा कि इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। मीडिया में आई खबरों में कहा गया था कि केन्द्र सरकार देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निकट भविष्य में बैंकों खाताधारकों को दी जाने वाली चेक बुक सुविधा को समाप्त कर सकती है.
उद्योग संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया था कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार बैंक चेकबुक सुविधा को निकट भविष्य में बंद कर सकती है.उधर कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने भी कहा कि संभावना है कि डिजिटल लेनदेन को उत्साहित करने के लिए सरकार निकट भविष्य में चेकबुक सुविधा को वापस ले सकती है.