चीन की पेट्रोलियम कंपनी के प्रमुख की हरदीप पुरी से मुलाकात, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

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चीन की पेट्रोलियम कंपनी के प्रमुख की हरदीप पुरी से मुलाकात, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 08:16 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 08:16 PM IST

नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) चीन की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (सीएनपीसी) के चेयरमैन दाई होउलियांग ने सोमवार को नयी दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

चीनी सरकारी मीडिया ने सीएनपीसी के हवाले से बताया कि दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की गत शनिवार को हुई बैठक के बाद हुई है।

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पश्चिम एशिया में संकट गहरा रहा है और हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं।

भारत और चीन दुनिया के दो सबसे बड़े कच्चे तेल आयातक हैं।

दाई ने बैठक में कहा कि हाल के वर्षों में भारत और चीन के नेताओं ने कई बार मुलाकात की है और एक-दूसरे को साझेदार तथा विकास के अवसर के रूप में देखने को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इससे द्विपक्षीय संबंधों को दिशा मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को और बढ़ाने की मजबूत नींव तैयार हुई है।

चीन के सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने दाई के हवाले से कहा कि सीएनपीसी दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने के लिए भारत के साथ काम करने, संवाद एवं समन्वय मजबूत करने तथा तेल एवं गैस, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित एवं कम कार्बन वाले विकास के क्षेत्रों में सहयोग के और अवसर तलाशने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश वैश्विक ऊर्जा प्रशासन में अपनी आवाज और प्रभाव बढ़ाने के लिए भी मिलकर काम कर सकते हैं तथा वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता और सतत विकास में योगदान दे सकते हैं।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, नयी दिल्ली में सप्ताहांत में संपन्न 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं ने संयुक्त घोषणा-पत्र अपनाया। इसमें ऊर्जा सुरक्षा को सामाजिक एवं आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सभी देशों के कल्याण की महत्वपूर्ण आधारशिला माना गया तथा संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

भाषा योगेश अजय

अजय