सीआईएल की अप्रैल में कोयला नीलामी मात्रा मार्च के मुकाबले छह प्रतिशत घटकर 3.05 करोड़ टन

Ads

सीआईएल की अप्रैल में कोयला नीलामी मात्रा मार्च के मुकाबले छह प्रतिशत घटकर 3.05 करोड़ टन

  •  
  • Publish Date - May 11, 2026 / 01:57 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 01:57 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अप्रैल में ऑनलाइन नीलामी के माध्यम से 3.05 करोड़ टन (एमटी) कोयला पेश किया। यह मार्च में पेश 3.25 करोड़ टन के मुकाबले छह प्रतिशत कम है।

यह गिरावट पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आई है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ी हैं और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बिजली संयंत्रों को कोयले का इस्तेमाल बढ़ाना पड़ा है।

सीआईएल के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में पेश कुल कोयले में से महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने 94 लाख टन की नीलामी की। इसके बाद साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने 56 लाख टन, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने 46 लाख टन, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने 44 लाख टन और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने 30 लाख टन की नीलामी की।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने कोयले की पेशकश ‘सिंगल विंडो मोड एग्नॉस्टिक’ (एसडब्ल्यूएमए) नीलामी के माध्यम से की। यह 2022 में शुरू किया गया एकीकृत और सरल ई-नीलामी मंच है।

कोल इंडिया की देश के घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।

कोयला मंत्रालय के अधीन महारत्न सार्वजनिक उपक्रम सीआईएल बिजली संयंत्रों, स्पंज आयरन निर्माताओं और अन्य उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नियमित ई-नीलामी आयोजित करती है।

कंपनी ने पहले यह भी कहा था कि अब बांग्लादेश, भूटान और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के खरीदार सीधे उसकी ऑनलाइन कोयला नीलामी में भाग ले सकते हैं जिससे बिचौलियों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

इस कदम से अतिरिक्त कोयला संसाधनों का बेहतर उपयोग, पारदर्शिता में वृद्धि एवं वैश्विक बाजार में एकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सीआईएल के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उसका उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटकर 76.81 करोड़ टन रहा जो 2024-25 में 78.11 करोड़ टन था। वहीं, मार्च महीने में उत्पादन 8.58 करोड़ टन से घटकर 8.45 करोड़ टन रह गया।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा