नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खड़गे ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं होने के बावजूद कंपनियों को अपना निवेश कर्नाटक से दूसरी जगह ले जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों के अनुकूल संपूर्ण परिवेश विकसित करने में 40 साल लगे हैं।
खड़गे ने कहा, ”सेमीकंडक्टर गुजरात और असम क्यों जा रहे हैं? यह मेरा सवाल है। मैं यही पूछता रहा हूं। जब पीएलआई की बात आती है, तो उन्हें अपना राज्य चुनना होता है। नाम कर्नाटक का होता है। आवेदन दिल्ली पहुंचते ही वह गुजरात कैसे हो जाता है? वे (निवेशक) मेरे राज्य में आ रहे हैं। उन्हें गुजरात जाने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है?”
वह नवंबर में आयोजित होने वाले ‘बेंगलुरु टेक समिट 2026’ के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक रोड शो के मौके पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
खड़गे ने कहा, ”वे केवल हमारे राज्य में आ रहे हैं। वे हमारे राज्य में निवेश करना चाहते हैं। यह उनके लिए कारगर है। यह उनके लिए लाभदायक है। हमारे मानव संसाधन दुनिया के सबसे कुशल और सर्वश्रेष्ठ में से एक हैं। लेकिन फिर भी, उन्हें गुजरात की ओर धकेला जा रहा है।”
कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने कहा कि कर्नाटक सतत डेटा केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए डेटा सेंटर नीति में बदलाव करने की योजना बना रहा है।
भाषा पाण्डेय रमण
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