Prayagraj Hanuman Mandir Nakli Note : हनुमान मंदिर के दानपात्र से निकले नकली नोट! 13 लाख की गिनती में हुआ बड़ा खुलासा, अब 24 दानपात्रों ने बढ़ाई टेंशन

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प्रयागराज के प्रसिद्ध श्रीहनुमत निकेतन मंदिर के दानपात्रों से नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है। 13 लाख रुपये की गिनती के दौरान बैंक जांच में कई फर्जी नोट पकड़े गए, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस जांच में जुट गई है।

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 08:36 AM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 08:36 AM IST

Prayagraj Hanuman Mandir Nakli Note / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • 13 लाख रुपये की गिनती में मिले नकली नोट।
  • बैंक की मशीन ने 500, 200 और 100 के नोट पकड़े।
  • प्रशासन ने जांच शुरू की, FIR दर्ज होने की तैयारी।

प्रयागराज : Prayagraj Hanuman Mandir Nakli Note :  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सिविल लाइंस स्थित प्रसिद्ध श्रीहनुमत निकेतन मंदिर के दानपात्रों से नकली नोट मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद जिला प्रशासन और जांच एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। बैंक में मंदिर के चढ़ावे की राशि जमा कराने के दौरान नोटों की मशीन से जांच में यह गंभीर मामला सामने आया है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू करा दी है और रिपोर्ट मिलते ही सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।

13 लाख की गिनती में मिले नकली नोट

आपको बता दें कि मंदिर प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद न्यायालय के आदेश पर 20 मार्च 2024 को जिलाधिकारी प्रयागराज को मंदिर का रिसीवर नियुक्त किया गया था। जिलाधिकारी ने इसकी जिम्मेदारी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा को सौंपी थी, जिसके बाद से मंदिर का संचालन प्रशासन की देखरेख में हो रहा है। प्रशासन की निगरानी में जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 के छह दानपात्रों को खोलकर करीब 13 लाख रुपये की राशि गिनी गई थी। जब इस धनराशि को बैंक खाते में जमा कराने के लिए भेजा गया, तो नोटों की जांच के दौरान बैंक की मशीन ने 500 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये के कई नोटों को नकली घोषित कर दिया।

दो वर्षों के 24 दानपात्र अभी भी सील हैं

बैंक प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा को दी। प्रशासन ने बताया कि मंदिर के पिछले दो वर्षों के 24 दानपात्र अभी भी सील हैं, जिनकी गिनती होना बाकी है। आशंका जताई जा रही है कि आगे की गिनती में ऐसे और भी मामले सामने आ सकते हैं।अधिकारियों का कहना है कि यह मुमकिन है कि किसी श्रद्धालु ने अनजाने में यह नोट दानपात्र में डाले हों, लेकिन इस घटना ने शहर में नकली नोटों के सक्रिय नेटवर्क की तरफ भी इशारा किया है।

जांच में जुटी पुलिस

एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा के अनुसार, मामले को पूरी तरह से जांच एजेंसियों के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रारंभिक स्तर पर नोटों की जांच की प्रक्रिया जारी है। जांच रिपोर्ट आते ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि मंदिर के दानपात्र तक नकली नोट पहुंचने की यह महज एक लापरवाही है या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है।

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