प्रतिस्पर्धा आयोग ने इंडिगो, एयर इंडिया के खिलाफ वर्चस्व की शिकायत खारिज की
प्रतिस्पर्धा आयोग ने इंडिगो, एयर इंडिया के खिलाफ वर्चस्व की शिकायत खारिज की
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बुधवार को इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और एयर इंडिया के खिलाफ बाजार में अपने दबदबे की स्थिति के दुरुपयोग के आरोपों वाली शिकायत खारिज कर दी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दोनों एयरलाइन कंपनियां टिकट रद्द करने पर अत्यधिक शुल्क लेती हैं और सेवाओं की बिक्री में मनमाने नियम एवं कीमतें लागू करती हैं।
शिकायत में कहा गया था कि इंटरग्लोब एविएशन की एयरलाइन इंडिगो के पास घरेलू विमानन बाजार में 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है जबकि एयर इंडिया की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत है।
शिकायत के मुताबिक, दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत होने के कारण बाजार में वर्चस्व और प्रतिस्पर्धा-रोधी व्यवहार से जुड़ी आशंकाएं जताई गई थी।
हालांकि, मामले की जांच के बाद आयोग ने कहा कि उपलब्ध जानकारी से प्रतिस्पर्धा कानून के प्रावधानों के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है।
सीसीआई ने कहा कि टिकट के पैसे लौटाने और टिकट रद्द करने की व्यवस्था मौजूद है और यात्रियों के पास अधिक रिफंड की पात्रता वाली टिकट श्रेणी चुनने का विकल्प भी होता है। इसके अलावा रिफंड और रद्दीकरण से जुड़े नियम यात्रियों को पहले से बताए जाते हैं और सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होते हैं।
आयोग ने आदेश में कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा तीन और चार के उल्लंघन का कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता, इसलिए शिकायत को धारा 26(2) के तहत बंद किया जाता है।
धारा तीन और चार क्रमशः प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौतों और बाजार में दबदबे के दुरुपयोग से संबंधित हैं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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