नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) देश में 150 करोड़ रुपये या उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में सामूहिक रूप से 5.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल महीने की एक सरकारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी ‘केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर नवीनतम फ्लैश रिपोर्ट’ के अनुसार, मंत्रालय की निगरानी वाली 150 करोड़ रुपये या उससे अधिक मूल्य की सभी 1,981 परियोजनाओं की मूल लागत 37,12,662 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 42,78,402 करोड़ रुपये हो गई है।
हालांकि, रिपोर्ट में उन परियोजनाओं की सटीक संख्या नहीं बताई गई है जो लागत बढ़ने की समस्या का सामना कर रही हैं।
मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी एक बयान के मुताबिक, अप्रैल, 2026 तक 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के तहत कुल 1,981 चालू बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इन परियोजनाओं पर अब तक कुल 20.36 लाख करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है, जो कुल संशोधित लागत का लगभग 47.59 प्रतिशत है। यह परियोजना क्रियान्वयन में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 801 परियोजनाओं (40 प्रतिशत) में 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति दर्ज की गई है, जबकि 277 परियोजनाएं (14 प्रतिशत) वित्तीय रूप से 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी हैं।
परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सबसे अधिक 1,459 परियोजनाएं जारी हैं। इनकी संशोधित लागत 23.34 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।
कुल परियोजनाओं में 814 विशाल परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है। इनकी मूल लागत 31.63 लाख करोड़ रुपये है। वहीं 1,167 ऐसी बड़ी परियोजनाएं ऐसी हैं जिनकी लागत 150 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 1,000 करोड़ रुपये से कम है। इनकी कुल लागत 5.49 लाख करोड़ रुपये है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे अधिक 1,137 परियोजनाएं हैं, जो कुल परियोजनाओं का 57 प्रतिशत है। इस मंत्रालय की परियोजनाओं की संशोधित लागत 10.81 लाख करोड़ रुपये है।
रेल मंत्रालय 260 परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा है, जिनकी संशोधित लागत 8.69 लाख करोड़ रुपये है।
कोयला मंत्रालय 128 परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनकी कुल संशोधित लागत 2.49 लाख करोड़ रुपये है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल संसाधन विभाग क्रमशः 112, 102, 51 और 48 परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। इनकी संशोधित लागत क्रमशः 5.19 लाख करोड़ रुपये, 5.53 लाख करोड़ रुपये, 3.75 लाख करोड़ रुपये और 2.25 लाख करोड़ रुपये है।
भाषा योगेश अजय
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