मुंबई, 30 जनवरी (भाषा) उद्योग को बैंक ऋण दिसंबर, 2025 में 13.3 प्रतिशत की तेज गति से बढ़ा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 7.5 प्रतिशत था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
आरबीआई ने कहा कि सालाना आधार पर 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त पखवाड़े तक गैर-खाद्य बैंक ऋण में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल के समान पखवाड़े (27 दिसंबर 2024) में यह वृद्धि 11.1 प्रतिशत थी।
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, सूक्ष्म और लघु’ उद्योगों को दिए गए ऋण में तेज वृद्धि देखी गई, जबकि ‘मझोले’ उद्योगों में भी मजबूती बनी रही।
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा, ‘बड़े उद्योगों को ऋण भी बढ़ा।’
प्रमुख उद्योगों में ‘बुनियादी ढांचा’, ‘इंजीनियरिंग’, ‘बुनियादी धातु और धातु उत्पाद’, ‘रासायनिक और रासायनिक उत्पाद’, ‘कपड़ा’ और ‘पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और परमाणु ईंधन’ के बकाया ऋण में सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
कुल मिलाकर दिसंबर के अंत में उद्योग का बकाया ऋण 44.13 लाख करोड़ रुपये था, जबकि दिसंबर, 2024 में यह 38.93 लाख करोड़ रुपये था।
आरबीआई के आंकड़ों से पता चला है कि कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए अग्रिम में सालाना आधार पर 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 12.5 प्रतिशत से थोड़ी धीमी है।
भाषा योगेश अजय
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