नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने शुक्रवार को कहा कि अगले दशक में भारत का बढ़ता आर्थिक प्रभाव वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के स्वरूप को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
आईसीएआई ‘वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस दशक के अंत तक, वैश्विक विनिर्माण अब किसी एक केंद्र के इर्द-गिर्द नहीं घूमेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि भविष्य में वैश्विक विनिर्माण के दो प्रमुख केंद्र होंगे भारत और चीन।
बिड़ला ने विश्व आर्थिक मंच के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया भर में सामान बनाने और उसे बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। उन्होंने बताया कि शुल्क में बढ़ोतरी के कारण साल 2025 में 400 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘कंपनियां अब एक पुराना सबक फिर से सीख रही हैं कि झटकों को झेलने की क्षमता के बिना केवल कार्यकुशलता अब पर्याप्त नहीं है, और यहीं पर भारत की भूमिका अहम हो जाती है।’
बिड़ला ने कहा, ‘‘अगले दशक में भारत का बढ़ता आर्थिक कद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में केवल मामूली बदलाव नहीं लाएगा, बल्कि यह तय करेगा कि भविष्य में इन श्रृंखलाओं का बुनियादी ढांचा किस तरह तैयार किया जाए।’’
भाषा अजय सुमित
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